उच्च शिक्षा मंत्री ने शिशोदा में 8 करोड़ की लागत से बनने वाले विद्यालय का शिलान्यास किया~ शैक्षिक विकास में राजस्थान अव्वल पायदान पर – किरण माहेश्वरी

राजसमन्द, 22 सितम्बर/उच्च शिक्षा मंत्री श्रीमती किरण माहेश्वरी ने शिक्षा के लिए समर्पण और समाजहित में धनराशि के उदारतापूर्वक उपयोग को मानवीय मूल्यों से भरा सामाजिक फर्ज बताते हुए कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि सामाजिक नवनिर्माण एवं आँचलिक विकास के लिए भामाशाहों से प्रेरणा पाकर हम समाज के प्रति समर्पित रूप से दायित्वों का निर्वाह करें। उच्च शिक्षा मंत्री श्रीमती किरण माहेश्वरी ने शनिवार को राजसमन्द जिले की खमनोर पंचायत समिति अन्तर्गत शिशोदा में भामाशाह प्रवासी समाजसेवी मेघराज धाकड़ के पारिवारिक ट्रस्ट मंगल चेरिटेबल ट्रस्ट की ओर से 8 करोड की लागत से बनने वाले  राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय के शिलान्यास समारोह में मुख्य अतिथि पद से संबोधित करते हुए यह उद्गार व्यक्त किए। समारोह की अध्यक्षता सांसद श्री हरिओमसिंह राठौड़ ने की जबकि विशिष्ट अतिथियों के रूप में खमनोर पंचायत समिति की प्रधान श्रीमती शोभा पुरोहित, आध्यात्मिक चिन्तक संत योगी संतोषनाथ महाराज, शिक्षा उप निदेशक युगलबिहारी दाधीच, जिला शिक्षा अधिकारी भरत जोशी सहित जन प्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं ग्राम्यजनों तथा विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। उच्च शिक्षा मंत्री श्रीमती किरण माहेश्वरी एवं सांसद हरिओमसिंह राठौड़ तथा अन्य अतिथियों एवं ट्रस्ट पदाधिकारियों ने शिलान्यास पट्टिका का अनावरण किया।         शानदार और सुन्दर होगा यह अत्याधुनिक सभी सुविधाओं से युक्त और तीन मंजिला बनने वाले इस विद्यालय के लिए भूमि पूजन श्रीमती कंकु देवी-सोहनलाल धाकड़ के हाथों हुआ। उल्लेखनीय है कि राजस्थान का यह ऎसा विद्यालय होगा जिसका निर्माण भामाशाह द्वारा इतनी बड़ी धनराशि से करवाया जा रहा है।  कुल 38 कक्षों वाले इस विद्यालय का निर्माण दो वर्ष में पूर्ण होगा। इसमें 16 अध्ययन कक्ष, एक सेमिनार हाल, 7 लेबोरेटरी कक्ष, 1 प्रार्थना सभा हाल तथा एक कांफ्रेंन्स हॉल का निर्माण होगा। इसके साथ ही विद्यालय भवन के सामने विद्यार्थियों के वालीबॉल एवं बॉस्केट बाल के मैदान भी बनाए जाएंगे। उच्च शिक्षा मंत्री श्रीमती किरण माहेश्वरी ने इस अवसर पर भामाशाह कंकू देवी, सोहनलाल धाकड़, मेघराज धाकड़,  अजीत धाकड़ एवं रमेश धाकड़ तथा मंगल चेरिटेबल ट्रस्ट एवं सभी परिवारजनों का अभिनंदन किया और कहा कि मातृभूमि की सेवा और अपनी सरजमीं के लिए बहुआयामी सुख-सुविधाओं को जुटाने, जनजीवन का स्तर ऊँचा उठाने तथा क्षेत्रवासियों के लिए समर्पित दायित्वों के निर्वाह में उनकी भूमिका न केवल ऎतिहासिक बल्कि अनुकरणीय है और इसका अन्य लोगों को अनुसरण करने के लिए आगे आना चाहिए। उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि आज अपनी विभिन्न शैक्षिक विकास योजनाओं और नई पीढ़ी के सुनहरे भविष्य को रेखांकित करने वाली गतिविधियों की बदौलत राजस्थान देश में अग्रणी पहचान बना चुका है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे  इनका लाभ लेकर आगे बढ़ें तथा अपने क्षेत्र और प्रदेश का नाम रौशन करें। उन्होंने बताया कि प्रदेश में  एक माह में 56 हजार शिक्षकों की भर्ती का काम पूरा हो जाएगा। इसके लिए काउंसलिंग हो रही है। इससे विद्यालयों मेंं शिक्षकों की कमी दूर हो जाएगी। अकेले राजसमन्द जिले में प्राथमिक विद्यालयों के लिए 676 तथा माध्यमिक विद्यालयों के लिए 751 विषयाध्यापकों की भर्ती एक माह में पूरी हो जाएगी। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे भामाशाहों द्वारा शैक्षिक विकास के जो भी प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाएं, उनमें किसी भी प्रकार की देरी न करें। उच्च शिक्षा मंत्री श्रीमती माहेश्वरी ने कहा कि शैक्षिक विकास में ऎतिहासिक भागीदारी के लिए शिशोदा मूल के निवासी एवं मुम्बई में रह रहे प्रवासी मेघराज धाकड़ को राज्य सरकार द्वारा राज्यस्तरीय सम्मान से सम्मानित किया जाएगा।        सांसद ने बताया अनुकरणीय योगदान समारोह में अध्यक्षीय उद्बोधन में सांसद हरिओमसिंह राठौड़ ने धाकड़ परिवार एवं ट्रस्ट की समाजोन्मुखी कल्याण गतिविधियों के लिए सराहना की और कहा कि वे उनके कार्य अनुकरणीय हैं तथा इनका अनुसरण करने के लिए भामाशाहों को उदारतापूर्वक आगे आना चाहिए। प्रधान शोभा पुरोहित ने ग्रामीण विकास एवं मानवता की सेवा में ट्रस्ट के योगदान की तारीफ की। आरंभ में अतिथियों का स्वागत धाकड़ परिवार एवं मंगल चेरिटेबल ट्रस्ट के पदाधिकारियों के साथ ही अशोक धाकड़, विनोद धाकड़, भगवती धाकड़, अजीत धाकड़, प्रधानाचार्य कौशलेन्द्र गोस्वामी, मनीष पालीवाल आदि ने किया। संचालन भानुकुमार वैष्णव ने किया। समारोह में उप प्रधान दलजीतसिंह चुण्डावत, नाथद्वारा नगरपालिका उपाध्यक्ष परेश सोनी,  रमेश धाकड़, नाथद्वारा के दिवंगत विधायक की पत्नी श्रीमती कल्पना कुंवर, केशरसिंह चुण्डावत, बीसी भलावत, मानसिंह बारहठ, भीमसिंह चौहान, योगेन्द्रसिंह चौहान, श्रीकृष्ण पालीवाल, हरदयाल सिंह, संजयसिंह बारहठ, संदीप श्रीमाली, संगीता कुंवर, देवीलाल सुथार, कमल हिंगड़, नीरज शर्मा, अजय गुर्जर आदि उपस्थित थे।  

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