लोकसभा चुनाव-2024 —राज्य में लोकसभा आमचुनाव का कार्यक्रम घोषित —19 और 26 अप्रेल को होगा मतदान, मतगणना 4 जून को

राज्य भर में आज से आदर्श आचार संहिता प्रभावी —26 अप्रैल को होगा राजसमंद लोकसभा क्षेत्र में मतदान – पात्र मतदाताओं को होम वोटिंग सुविधा —50 फीसदी से ज्यादा मतदान केन्द्रों पर लाइव वेबकास्टिंग —5 करोड़ 32 लाख से ज्यादा मतदाता कर सकेंगे मताधिकार का इस्तेमाल —1 जनवरी 2024 से अब तक 286 करोड़ से अधिक की अवैध सामग्री जब्त, बांसवाड़ा जिले के 165-बागीदौरा विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव 26 अप्रेल को

 

जयपुर। भारत निर्वाचन आयोग ने लोकसभा चुनाव-2024 के कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। चुनाव कार्यक्रम के अनुसार प्रदेश की सभी 25 सीटों के लिए दो चरणों में मतदान कराया जाएगा। पहले चरण में 19 अप्रेल और दूसरे चरण में 26 अप्रेल को मतदान कराया जाएगा। दूसरे चरण के दौरान बांसवाड़ा जिले के 165-बागीदौरा विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव होगा। सभी सीटों के लिए मतगणना 4 जून को करवाई जाएगी। राज्य में 5 करोड़ 32 लाख से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। चुनाव घोषणा के साथ ही राज्य में आदर्श आचार संहिता भी तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता ने बताया कि आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने के साथ ही प्रदेश में स्थानान्तरण एवं नियुक्तियों पर रोक लग गई है। अति आवश्यक होने पर राज्य सरकार निर्वाचन आयोग से मंजूरी लेने के बाद ही अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्थानान्तरित कर सकेगी।

गुप्ता ने बताया कि प्रथम चरण में 12 लोकसभा क्षेत्र गंगानगर, बीकानेर, चूरू, झुंझूनूं, सीकर, जयपुर ग्रामीण, जयपुर, अलवर, भरतपुर, करौली-धौलपुर, दौसा और नागौर में 19 अप्रेल को मतदान होगा। पहले चरण की अधिसूचना 20 मार्च को जारी होगी। अधिसूचना जारी होने के साथ ही नामांकन करने का काम शुरू होगा। 27 मार्च तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे। 28 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच होगी तथा 30 मार्च तक नाम वापस लिए जा सकेंगे।

दूसरे चरण की अधिसूचना 28 मार्च को जारी होगी। इस चरण में 13 लोकसभा क्षेत्रों टोंक-सवाईमाधोपुर, अजमेर, पाली, जोधपुर, बाड़मेर, जालौर, उदयपुर, बासंवाड़ा, चितौड़गढ़, राजसमंद, भीलवाड़ा, कोटा और झालावाड़-बारां में 26 अप्रेल को मतदान होगा। अधिसूचना जारी होने के साथ ही नामांकन दाखिल करने का काम शुरू होगा। 4 अप्रेल तक नामांकन किए जा सकेंगे। 5 अप्रेल को नामांकन पत्रों की जांच होगी तथा 8 अप्रेल तक नाम वापस लिए जा सकेंगे।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्रदेश की 25 लोकसभा सीटों में 4 अनुसूचित जाति, 3 अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं, वहीं 18 सीटें सामान्य वर्ग के लिए हैं। लोकसभा चुनाव में सभी 25 सीटों पर केन्द्रीय पर्यवेक्षक चुनाव प्रक्रिया तथा उम्मीदवारों के खर्चे पर नजर रखेंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में स्वतंत्र-निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव के लिए सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई है।

गुप्ता ने बताया कि सरकारी वाहनों, हेलीकॉप्टर एवं विमान के चुनाव कार्यों में उपयोग पर भी रोक रहेगी। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान किसी भी प्रकाशन सामग्री यथा पोस्टर, पैंफलेट आदि पर प्रकाशक और मुद्रक का नाम आवश्यक रूप से प्रकाशित करना अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं करने वाले प्रिंटिंग प्रेस स्वामियों पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 127 (क) के तहत कार्यवाही की जाएगी।

प्रदेश में 5 करोड 32 लाख से अधिक मतदाता करेंगे मताधिकार का प्रयोग—

गुप्ता ने बताया कि लोकसभा आम चुनाव 2024 मे मतदान के लिए मतदाता सूचियों के अंतिम प्रकाशन के अनुसार राज्य में 5 करोड़ 32 लाख से ज्यादा मतदाता पंजीकरण करा चुके हैं। जो कि 2019 के लोकसभा आम चुनावों से करीब 46 लाख अधिक है। इनमें 2 करोड़ 77 लाख 38 हजार 377 पुरुष और 2 करोड़ 54 लाख 70 हजार 805 महिला मतदाता हैं, थर्ड जेंडर मतदाताओं की संख्या 616 है। उन्होंने बताया कि 1 लाख 41 हजार 193 सर्विस मतदाता भी हैं। श्री गुप्ता ने बताया कि सभी मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों को रविवार को बैठक आयोजित कर चुनाव कार्यक्रम तथा आदर्श आचार संहिता की जानकारी दी जाएगी।

2019 के मुकाबले बढ़े 46 लाख से ज्यादा मतदाता—

गुप्ता ने बताया कि वर्ष 2019 में लोकसभा चुनाव के दौरान प्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या 4 करोड़ 86 लाख 2 हजार 173 थी, जिसकी तुलना में इस लोकसभा चुनाव के लिए मतदाताओं सूचियों के अंतिम प्रकाशन के बाद करीब 46 लाख मतदाता बढ़े हैं। वर्तमान में 5 करोड़ 32 लाख से ज्यादा मतदाता मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे। 2019 में कुल 51 हजार 965 मतदान केंद्र थे जबकि वर्तमान में कुल 51 हजार 756 मतदान केंद्रों के साथ भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 1095 सहायक मतदान केन्द्र बनाए गए हैं। जिसमें सर्वाधिक 2611 पोलिंग स्टेशन बाड़मेर लोकसभा क्षेत्र में हैं।

प्रदेश में लोकसभा आम चुनावों में पहली बार मिलेगी पात्र मतदाताओं को होम वोटिंग की सुविधा—

गुप्ता ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 85 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों एवं 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग श्रेणी के विशेष योग्यजन मतदाताओं के लिए प्रदेश में पहली बार लोकसभा आम चुनावों में होम वोटिंग की पहल की गई है। पात्र 11 लाख से अधिक मतदाताओं को विकल्प के तौर पर ये सुविधा मिल सकेगी। इसके तहत बूथ लेवल अधिकारी द्वारा घर-घर जाकर होम वोटिंग की सुविधा के लिए योग्य मतदाताओं को इसके संबंध में जानकारी उपलब्ध करवायी जा रही है।

50 फीसदी से ज्यादा मतदान केन्द्रों पर लाइव वेबकास्टिंग—

आयोग के निर्देशानुसार महत्वपूर्ण मतदान केन्द्रों और संवेदनशील क्षेत्रों में स्थित सभी मतदान केन्दों में अथवा सहायक मतदान केन्दों सहित कुल मतदान केन्द्रों के 50 फीसदी से ज्यादा 26 हजार मतदान केन्द्रों पर लाइव वेबकास्टिंग की जाएगी।

निर्वाचन प्रबंधन में आईटी की भूमिका—

आयोग ने व्यापक सहभागिता और पारदर्शिता लाने के लिए आईटी एप्लिकेशन का उपयोग बढ़ाया है। आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के मामलों की सी-विजिल ऐप के जरिए शिकायत की जा सकती है। केवाईसी ऐप के जरिए उम्मदीवार के बारे में जानकारी हासिल कर सकते हैं। इसी तरह वोटर हैल्प लाइन ऐप, सक्षम ऐप और सुविधा पोर्टल के जरिए भी घर बैठे संबंधित सूचनाएं और सुविधाएं प्राप्त की जा सकती है।

महिलाओं, दिव्यांगजन एवं युवाओं द्वारा संचालित मतदान केन्द्र—

लैंगिक समानता और निर्वाचन प्रक्रिया में महिलाओं की रचनात्मक भागीदारी को बढ़ाने के लिए प्रदेश में महिलाओं द्वारा संचालित कुल 1600 मतदान केन्द्र, दिव्यांगजन द्वारा कुल 200, युवाओं द्वारा संचालित कुल 1600 आदर्श मतदान केन्द्र होंगे।

चुनावी व्यय पर रहेगी कड़ी नजर—

उन्होंने बताया कि लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार द्वारा चुनाव व्यय की सीमा 95 लाख रुपए है। चुनाव व्यय के मॉनिटरिंग के लिए आयोग द्वारा पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं। लोकसभा चुनाव 2019 में 51.42 करोड़ रुपए तथा विधानसभा चुनाव 2023 के दौरान कुल 710 करोड़ रू. की जब्ती नगद, शराब, ड्रग्स, कीमती धातुओं एवं फ्रीबीज के रूप में की गयी थी। इस वर्ष 1 मार्च 2024 से अब तक लगभग 100 करोड़ रूपए मूल्य की अवैध सामग्री जब्त की है।

  • लैंगिक समानता: प्रदेश में महिला मतदाताओं के पंजीकरण का प्रतिशत पुरुषों की तुलना में अधिक रहा है। वर्ष 2019 के मुकाबले 22.54 लाख से अधिक महिला मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल किया गया है। पुरुष मतदाताओं के पंजीकरण में 9.27% की वृद्धि के मुकाबले महिला मतदाताओं के पंजीकरण में 9.70% की वृद्धि हुई है।लिंग अनुपात वर्ष 2019 में 919 था, जो वर्ष 2024 मेंबढ़कर 923 हो गया।
  • दिव्यांग मतदाता: इसी प्रकार, मतदाता सूची डेटाबेस में लगभग 5.72 लाख दिव्यांग मतदाताओं को चिह्नित करके उनके सश्क्तिकरण के सराहनीय प्रयास किए गए। वर्ष 2019 के मुकाबले PwD मतदाताओं के पंजीकरण में 31.3% की उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
  • विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों पर फोकस: विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के 100 प्रतिशत पंजीकरण को प्राप्त करने के लिए विशेष प्रयास किए गए हैं, जिससे मतदाता सूचियां सर्वाधिक समावेशी बन गई हैं। राज्य में पीवीटीजी, घूमन्तू, अर्द्धघुमंतु आदि जातीय समूहों के 2.17 लाख से अधिक मतदाता पंजीकृत है।

क्यूआर कोड युक्त वोटर सूचना पर्ची—

मतदाताओं को उनके मतदान केन्द्र मतदाता सूची में उनके सीरीयल नम्बर, मतदान दिवस एवं समय आदि की सूचना क्यूआर कोड युक्त वोटर सूचना पर्ची मतदान दिवस से कम से कम 5 दिवस पूर्व वितरित कर दी जायेगी।

इपिक कार्ड के साथ 12 अन्य दस्तावेजों से करें मतदान—

गुप्ता ने बताया कि लोकसभा आम चुनाव-2024 में मतदाता केवल वोटर स्लिप के आधार पर मतदान नहीं कर सकेंगे। मतदान के लिए मतदाता को इपिक कार्ड (मतदाता फोटो युक्त पहचान पत्र) दिखाना होगा। इपिक कार्ड नहीं होने की स्थिति में 12 अन्य वैकल्पिक दस्तावेजों में से किसी एक को दिखाने पर ही मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे। आयोग के निर्देशानुसार पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेन्स, राज्य या केन्द्र सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, पब्लिक लिमिटेड कम्पनियों द्वारा  अपने कर्मचारियों को जारी किए गए फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र, बैकों या डाकघरों द्वारा जारी की गई फोटोयुक्त पासबुक, पेन कार्ड, आरजीआई एवं एन.पी.आर द्वारा जारी किए गए स्मार्ट कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, श्रम मंत्रालय की योजना द्वारा जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज, विधायकों, सांसदों को जारी किए सरकारी पहचान पत्र या आधार कार्ड में से कोई एक दस्तावेज को मतदान करते समय दिखाना जरूरी होगा। मतदाता पर्ची पहचान का आधार नहीं मानी जाएगी।

आचार संहिता की पालना के लिए 4089 उडन दस्तों एवं स्थैतिक निगरानी दलों का गठन

मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री प्रवीण गुप्ता ने कहा कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के साथ ही मतदाताओं को नगद, राशि, गिफ्ट आइटम्स जैसे साड़ी, धोती, कंबल आदि शराब नारकोटिक्स पदार्थ वितरित नहीं किए जा सके इसके लिए पूरे राज्य में 2019 उड़न दस्तों तथा 2070 स्थैतिक निगरानी दलों, आयकर विभाग, आबकारी विभाग, नारकोटिक्स विभाग, वाणिज्य कर विभाग के दल का गठन किया गया है। राज्य में 6 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों को तथा 36 विधानसभा क्षेत्रों को संवेदनशील माना गया है। उड़न दस्ता दल प्रत्येक क्षेत्र में सतत काम करेंगे। नगद राशि वितरण, धोती, कंबल, साड़ी आदि वितरण शराब एवं नारकोटिक्स पदार्थों के वितरण की सूचना मिलने पर संबंधित विभाग के दल एवं उड़न दस्ता मौके पर जाकर तलाशी लेंगे और नगद राशि तथा सामान की जब्ती करेंगे।

मतदाताओं के नाम जोड़ने की प्रक्रिया जारी—

मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया अभी भी जारी रहेगी। जिन लोगों ने अभी तक पंजीकरण नहीं कराया है, वे अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वा सकते हैं। लोकसभा आम चुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तिथि से 10 दिन पहले तक पूरक सूचियां अपडेट की जाएंगी। मतदाताओं के पंजीकरण के लिए नागरिक भारत निर्वाचन आयोग के मतदाता सेवा पोर्टल, मतदाता हेल्पलाइन ऐप और बीएलओ ऐप का उपयोग कर सकते हैं।