कोरोना से बच्चों की सुरक्षा हेतु बाल अधिकारिता विभाग एवं बाल कल्याण समिति ने रेलमगरा व दरीबा अस्पताल का किया निरीक्षण


राजसमंद।राज्य बाल आयोग की अध्यक्षा संगीता बेनिवाल के निर्देशानुसार बाल कल्याण समिति की बैठक की गई जिसमें अध्यक्ष कोमल पालीवाल सदस्य बहादूरसिंह चारण, हरजेन्द्र चैधरी, सीमा डागलिया, रेखा गुर्जर उपस्थित रहें।

कोविड-19 महामारी के तीसरी लहर में बच्चों के संक्रमण होने की संभावना के कारण बैठक में जिले के सीएचसी चिकित्सालय, उपचिकित्सालय, नाथद्वारा तथा जिला चिकित्सालय, आर.के. हाॅस्पीटल का निरीक्षण कर अस्पतालो में शिशु वार्ड निरीक्षण, वेंटिलेटर, आॅक्सीजन, दवा की व्यवस्था तथा आधारभुत सुविधाओ की पूर्व में व्यवस्था करना ताकि संक्रमण फैलने की स्थिति में अस्पतालो में सुविधाओ का अभाव न रहें।
कोविड-19 महामारी की संभावित तीसरी लहर से बच्चों की सुरक्षा हेतु मंगलवार को बाल कल्याण अध्यक्ष कोमल पालीवाल व सहायक निदेशक, बाल अधिकारिता विभाग कृष्ण कान्त साॅखला ने रेलमगरा सीएचसी तथा नवस्थापित कोविड डेडीकेटेड सेन्टर, दरीबा का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान रेलमगरा में न्यू बोर्न बेबी के लिए वार्मर चालू मिले तथा लेबर रूम में आॅक्सीजन सिलेन्डर से आॅक्सीजन सप्लाई की व्यवस्था मिली। चिकित्सालय में बाल चिकित्सक की नियूक्ति होना पाया गया। किन्तु बच्चों के लिए कोई बेड रिजर्व नहीं मिले।

दरीबा डेडिकेटेड सेन्टर का निरीक्षण किया गया, जहां पर 15 बेड आईसीयू व 100 बेड आॅक्सीजन की व्यवस्था मिली तथा 200 अन्य बेड तक की व्यवस्था को एक ही दिन में बढाया जा सकता है। अस्पताल के निरीक्षण के दौरान समिति के अध्यक्ष कोमल पालीवाल के द्वारा रेलमगरा में तीन बेड एवं दरीबा में प्रारंभिक तौर पर 10 व जरूरत पडने पर 30 बेड रिजर्व रखे जाने को कहां एवं दरीबा डेडीकेटेड कोविड सेन्टर पर एनआईसीयू की व्यवस्था के पांच बेड व पीआईसीयू के बेड भी बढाये जाने के लिये कहां, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य के लिए सुरक्षात्मक व सकारात्मक परीणाम मिल सकें। बच्चों के ईलाज हेतु शिशु रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति एवं बच्चों के लिए दवाईयों की व्यवस्था भी करने को कहां।

निरीक्षण के दौरान रेलमगरा ब्लाॅक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅं. राजेन्द्र कुमार, डाॅं. शैलेन्द्र यादव, डाॅं. शान्तिलाल कुमावत भी उपस्थित रहें। निरीक्षण के दौरान यह जानकारी में आया कि रेलमगरा ब्लाॅक में अब तक करीब 115 बालक कोरोना पाॅजिटिव पाये गये है, जिसमें अप्रेल में 80 तथा मई में 21 पाॅजिटिव आये है। उक्त बच्चों के स्वास्थ्य, दवा व ईलाज के बारे मंे जानकारी लेने पर ज्ञात हुआ कि बच्चों में ऐसी कोई गम्भीर व चिंताजनक स्थिति नहीं हुई। बच्चो के दवा लेकर अपने परिजनो के साथ होम आईसोलेशन में रहनंे से उनको स्वास्थ्य लाभ मिला। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष द्वारा लगातार ऐसे सभी बच्चों के स्वास्थ्य रिपोर्ट की जानकारी रखने व उनसे सम्पर्क कर डाटा रखने का निर्देश दिया गया। निरीक्षण के दौरान बहादूर सिंह चारण ने चिकित्सालय में आॅक्सीजन कन्स्नट्रेटर बच्चो के बेड के पास रखने कहा तथा हरजेन्द्र सिंह चैधरी ने आॅक्सीमीटर , सेनेटाईजर, फेस मास्क की उपलब्धता की सुनिश्चिता करने का कहा । महिला सदस्य सीमा डागलिया व रेखा गुर्जर ने संभावित थर्ड वेव में बच्चों के सम्पूर्ण स्वास्थ्य का ध्यान रखे जाने के लिये कहां। इस दौरान रेलमगरा में आने वाले सभी सीएचसी व पीएचसी के सभी स्वास्थ्य आकडो को देखा गया व जानकारी ली गई, जिस पर बच्चों के हित के लिए पूर्व तैयारी करने के निर्देश दिये। कोविड के केस में कमी आई है किंतु थर्ड वेव के कयास को देख कर तैयारी पूरी की जाएगी । बाल हित को देखते हुए बाल कल्याण समिति एवं बाल अधिकारिता विभाग के द्वारा जिले के सभी सीएचसी मुख्यालय एवं आर.के. चिकित्सालय तथा नाथद्वारा चिकित्सालय का भी निरीक्षण किया जाकर रिपोर्ट बाल आयोग एवं राज्य सरकार भेजी जाएगी। निरीक्षण के दौरान बालको के हित में गाइडलाइन के तहत रेलमगरा व दरीबा में आवश्यक सुधार हेतु अलग से CMHO को पत्र बाल कल्याण समिति के द्वारा भेजा गया ।