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हल्दीघाटी में महाराणा प्रताप जयन्ती पर तीन दिवसीय विशाल मेला शुरू – प्रताप से जुड़े ऎतिहासिक स्थलों का विकास किया जाएगा – विधानसभाध्यक्ष

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खमनोर। वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 479 वीं जयन्ती पर खमनोर पंचायत समिति की ओर से हल्दी घाटी के शाही बाग में आयोजित तीन दिवसीय प्रताप जयन्ती मेला गुरुवार को समारोहपूर्वक शुरू हुआ।
शाही बाग में भव्य उद्घाटन समारोह राजस्थान विधानसभाध्यक्ष डॉ. सी.पी. जोशी के मुख्य आतिथ्य एवं सांसद दिया कुमारी की अध्यक्षता में हुआ। इसमें स्वतंत्रता सेनानी मदनमोहन सोमटिया एवं लीलाधर गुर्जर, जिला कलक्टर अरविन्द कुमार पोसवाल, जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी निमिषा गुप्ता, नाथद्वारा की उपखण्ड अधिकारी निशा, समाजसेवी देवकीनंदन गुर्जर काका एवं वीरेन्द्र पुरोहित आदि विशिष्ट अतिथियों के रूप में उपस्थित थे। समारोह में पूर्व जिलाप्रमुख नंदलाल सिंघवी, समाजसेवी महेशप्रतापसिंह सहित क्षेत्र भर से ग्रामीण जन प्रतिनिधिगण, अधिकारीगण और राज्यकर्मी, गणमान्य नागरिक तथा बड़ी संख्या में स्त्री-पुरुष उपस्थित थे।


पुष्पान्जलि, दीप प्रज्वलन व ध्वजारोहण से शुरू हुआ मेला
राजस्थान विधानसभाध्यक्ष डॉ. सी.पी. जोशी एवं अन्य अतिथियोंं ने महाराणा प्रताप की मूर्ति के सम्मुख पुष्पान्जलि एवं दीप प्रज्वलन तथा मेला ध्वजारोहण कर तथा सांसद दिया कुमारी ने उद्घाटन घोषणा कर मेले का शुभारंभ किया। पुष्पांजलि के दौरान सभी उपस्थितजनों ने अपने स्थान पर खड़े होकर महाराणा प्रताप के आदर्शों को आत्मसात करते हुए समाज व राष्ट्र के विकास में समर्पित भागीदारी का संकल्प लिया। मेला प्रभारी लादूराम विश्नोई ने शोभायात्रा में ऎतिहासिक पात्रों की जीवन्त झांकी पेश करने वाले सभी कलाकारों को सम्मानित किया। जय हल्दीघाटी नवयुवक मण्डल के अध्यक्ष चेतन ने सभी पात्रों का परिचय कराया। मचीन्द से लाए गए कलश का अतिथियों ने पूजन किया।
प्रताप से संबंधित स्थलों का हरसंभव विकास होगा
समारोह के मुख्य अतिथि राजस्थान विधानसभाध्यक्ष डॉ. सी.पी. जोशी ने महाराणा प्रताप से संबंधित स्थलों के संरक्षण और विकास के लिए हरसंभव प्रयासों पर बल दिया और कहा कि इसके लिए सभी पहलुओं पर विचार कर स्थायी एवं ठोस कार्य अमल में लाए जाएंगे ताकि प्रताप जयन्ती पर मेले का भव्य आयोजन और अधिक बेहतरी से हो सके। इसके लिए मेला मैदान व मेला विकास के कारगर प्रयास सुनिश्चित किए जाएंगे।
डॉ. जोशी ने महाराणा प्रताप के जीवन और आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान किया और कहा कि देश की एकता, अखण्डता को मजबूती देने तथा दुनिया में भारतवर्ष का नाम रोशन करने के लिए प्राण-प्रण से सभी को मिलजुलकर प्रयास करने की आवश्यकता है। उन्होेंने बताया कि अब इस दिशा में ठोस एवं कारगर कार्य किया जाएगा।
प्रताप सर्किट बनाने की दिशा में हो पहल

समारोह में अध्यक्षीय उद्बोधन में राजसमन्द सांसद दिया कुमारी ने महाराणा प्रताप को दुनिया का गौरव बताया और कहा कि महाराणा प्रताप से जुड़े स्थलों को कालजयी ऎतिहासिक यादगार बनाने के लिए सभी संभव प्रयास किए जाएंगे। इसके लिए वे जनसेवक के रूप में केन्द्र सरकार के स्तर पर भी पूरी कोशिश करेंगी।
उन्होंने कहा कि प्रताप से संबंधित गौरवशाली इतिहास और गर्वीली गाथाओं से नई पीढ़ी को अवगत कराने के लिए कृष्णा सर्किट की तरह ही प्रताप सर्किट बनाने के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता है ताकि देश-दुनिया के लिए यह प्रेरणा जगाने के साथ ही पर्यटन केन्द्र के रूप में भी प्रसिद्ध हो सकें।
प्रताप के जीवनादर्शो को आत्मसात करें


जिला कलक्टर अरविन्द कुमार पोसवाल ने महाराणा प्रताप के आदर्शों को वर्तमान में प्रासंगिक बताया और नई पीढ़ी को उनके इतिहास व जीवन गाथाओं से परिचित कराने पर जोर दिया और कहा कि महाराणा प्रताप के समय बाहरी शक्तियों के साथ संघर्ष था लेकिन आज आन्तरिक विषमताओं के खतरे हमारे सामने हैं जिनका मुकाबला करने के लिए प्रताप के जीवनादर्शों को अपनाने की आवश्यकता है।
जिला कलक्टर ने कहा कि महाराणा प्रताप से संबंधित स्थलों के विकास के लिए जिला प्रशासन हरसंभव प्रयासों में जुटा हुआ है तथा इको ट्यूरिज्म के मद्देनज़र वन विभाग की टीम इस दिशा में काम कर रही है। शाहीबाग में प्रताप मेले के आयोजन की निःशुल्क सुविधा के बारे में एएसआई से बात की जाएगी।
मातृभूमि की सेवा और देशभक्ति के प्रति समर्पित रहें
समारोह में स्वतंत्रता सेनानी मदनमोहन सोमटिया, समाजसेवी देवकीनंदन काका एवं वीरेन्द्र पुरोहित ने अपने उद्बोधन में महाराणा प्रताप के जीवन वृत्त से प्रेरणा पाकर मातृभूमि की सेवा करने, देशभक्ति की भावनाओं के प्रसार तथा समाज और देश की तरक्की में समर्पित भाव से जुटने का आह्वान किया।


इन्होंने किया अतिथियों का स्वागत
आरंभ में अतिथियों का तिलक, पुष्पहार, उपरणा, पगड़ी एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर स्वागत खमनोर पंचायत समिति की प्रधान श्रीमती शोभा पुरोहित, उप प्रधान दलजीतसिंह चुण्डावत, विकास अधिकारी लादूराम विश्नोई, पूर्व प्रधान पुरुषोत्तम माली, भैरूलाल वीरवाल, सोबसिंह, सेमा सरपंच मन्नू देवी गायरी, खमनोर उपसरपंच, पीईओ जगदीश जटिया आदि ने किया। समारोह का संचालन गोपाल माली एवं जमनालाल ने किया जबकि आभार प्रदर्शन प्रधान शोभा पुरोहित ने किया।



मनोहारी शोभायात्रा ने जगाया आकर्षण
इससे पूर्व रक्ततलाई से भव्य शोभायात्रा निकली जो शाहीबाग समारोह स्थल पहुंच कर सम्पन्न हुई। इसमें महाराणा प्रताप एवं उनके सहयोगियों की वेशभूषा में अदाकारों के प्रदर्शन ने खा़सा रंग जमाया। समारोह के उपरान्त अश्वों की नृत्य प्रतिस्पर्धा हुई। अतिथियों के समारोह स्थल पहुंचने पर गाजे-बाजे के साथ भव्य स्वागत एवं अगवानी की गई।

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महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि पर जिला मुख्यालय पर श्रद्धांजलि व हल्दीघाटी के संरक्षण की मांग

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राजसमन्द । वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 421 वीं पुण्यतिथि पर जिला मुख्यालय स्थित प्रताप प्रतिमा पर श्रद्धापूर्वक पुष्पांजलि कर जिले के प्रताप भक्त युवाओं ने महाराणा प्रताप स्मारक सहित रक्त तलाई, हल्दीघाटी के संरक्षण हेतु जिला कलेक्टर को मांग पत्र सौंप बरसों से चली आ रही लालफीताशाही पर रोक लगाने की मांग की है।


हल्दीघाटी पर्यटन विकास समिति के अध्यक्ष विश्वजीत सिंह ने समिति पदाधिकारियों, जय राजपूताना संघ व सर्व समाज के युवाओं के सानिध्य में सौंपे गए ज्ञापन में बताया कि वीर शिरोमणी महाराणा प्रताप के नाम पर एकमात्र स्मारक हल्दीघाटी में स्थित होकर विगत एक दशक से उपेक्षा का शिकार है। सरकारी संरक्षण के अभाव में मूल रणक्षेत्र रक्त तलाई,बादशाह बाग, मूल दर्रा, प्रताप गुफा,चेतक समाधी व स्मारक उपेक्षित है।

आरटीडीसी के बन्द होने से व जानकारी के अभाव में पर्यटक ऐतिहासिक धरोहरो को पीछे छोड़ 100 रुपया प्रति व्यक्ति प्रवेश शुल्क देकर निजी दुकान में हल्दीघाटी के बारे में जानकारी पाने पर मजबूर है। वर्तमान में प्राकृतिक स्वरुप को नष्ट किया जा रहा है। हल्दीघाटी के महाराणा प्रताप राष्टीय स्मारक पर 1997 में बनने वाला संग्रहालय बरसों पूर्व ही संदेहास्पद रुप से गायब हो गया व नजदीक ही सन 2003 से आरटीडीसी के पूर्व ठेकेदार का महाराणा प्रताप संग्रहालय के नाम से निजी व्यवसाय खुल गया।


विगत कई दशकों से लगातार हो रही हल्दीघाटी की उपेक्षा से आहत होकर सौंपे गए मांग पत्र में 1993 से वर्तमान तक महाराणा प्रताप स्मृति संस्थान व सदस्यों की कार्यशैली की जांचते हुए नयेे योग्य सदस्य बनाये जाने,  रक्त तलाई में शहीदों स्मारक स्थित विशाल ताल की मरम्मत कराते हुये उद्यान में मूर्तियां लगवा कर पर्यटन की दृष्टि से विकास कराने,
बादशाही बाग,हल्दीघाटी के मूल दर्रे व प्रताप गुफा का संरक्षण कर पर्यटन की दृष्टि से विकास कराने, आरटीडीसी के चेतक गेस्ट हाउस को खुलवाने,महाराणा प्रताप राष्टीय स्मारक हल्दीघाटी में सरकारी संग्रहालय का निर्माण कराने,चेतक नाले पर अधूरे निर्मित व्यू पाईन्ट का विकास कराते हुए यहां लगाई जाने वाली चेतक प्रतिमा स्थापित करने,रणभूमि रक्त तलाई से लेकर महाराणा प्रताप राष्टीय स्मारक के फ्लेक्स बोर्ड लगवा कर पर्यटकों को राहत प्रदान कराने की मांग की है।


बताया गया कि 2007 में नाथद्वारा उपखडं स्तरीय सर्तकता समिति में अतिकर्मी घोषित अतिकर्मी द्वारा स्मारक के नजदीक पुनः मूर्ति लगाने की आड़ में किये जा रहे अवैध अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्यवाही की आवश्यकता है एवं महाराणा प्रताप स्मृति संस्थान के संस्थापक सदस्य द्वारा निजी व्यवयास के चलते स्मारक के संचालन में जो हस्तक्षेप कर रखा है उसकी जाचं करा ठोस कार्यवाही की मांग की गई है । मामले पर गम्भीरता पूर्वक कदम उठाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करा हल्दीघाटी का समुचित विकास की उम्मीद जताई व महाराणा प्रताप जयन्ती 2018 तक प्रशासन द्वारा मांग पत्र की उपेक्षा की स्थिति में जन आन्दोलन की चेतावनी दी गई।

इस दौरान हल्दीघाटी पर्यटन विकास समिति अध्यक्ष विश्वजीत सिंह चौहान,उपाध्यक्ष युवराज सिंह, महासचिव जितेंद्र सिंह राठौड़,सचिव जितेंद्र सिंह झाला,बलवीर सिंह चौहान,डालचंद मीणा, जितेंद्र सिंह चौहान,अभय सिंह,यशपाल सिंह,कालू सिंह सहित जय राजपूताना संघ के युवा कार्यकर्ता मौजूद रहे।

 

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स्वर्णिम विकास के इन्द्रधनुष दर्शा रहा है राजसमन्द

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राजसमन्द। प्रकृति और परिवेश की तमाम खूबियों, मन को सुकून देने वाली आबोहवा और विकास के तमाम आयामों से लेकर आधुनिक सरोकारों तक के मामले में आज का राजस्थान अपने आप में सतरंगी तरक्की का दिग्दर्शन करा रहा है।

राजस्थान का हर भूभाग अपने आप में ढेरों खासियतों से इतना अधिक भरा-पूरा है कि यहाँ प्रकृति अपने तमाम रूप-रंगों और विलक्षणताओं के साथ विद्यमान है।
राजस्थान प्रदेश में राजसमन्द झील के नाम पर स्थापित राजसमन्द जिला अपने भीतर इतनी अधिक खूबियों को समाहित किए हुए है कि जो इस भू भाग में आता है वह तन-मन के सुकून और दिमागी ताजगी के अनुभव के साथ ही इतना अधिक प्रफुल्लित हो उठता है कि बार-बार इस धरा की ओर आकर्षित होने का लोभ संवरित नहीं कर पाता। राजसमन्द के अनुपम सौन्दर्य और लोक लहरियों के आनन्द को वही जान सकता है जो यहाँ की आबोहवा में विचरण या निवास कर चुका है।
झर रहे ऎतिहासिक गाथाओं के प्रपात
प्रातः स्मरणीय वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप के शौर्य और पराक्रम की गाथाओं की गूंज से ओज-तेज से भरे-पूरे राजसमन्द की पहचान देश और दुनिया में है। ऎतिहासिक और पुरातात्ति्वक महत्व के प्राचीन दर्शनीय एवं पर्यटन स्थलों, नैसर्गिक रमणीयता से परिपूर्ण पहाड़ों, घने जंगलों और हरियाली का समन्दर दर्शाती यह धरा प्राचीन काल से आकर्षण का केन्द्र रही है।
सब कुछ है अभिराम
राजसमन्द झील के नाम से प्रसिद्ध राजसमन्द जिला अपने भीतर इतनी अधिक विलक्षणताओं से भरा है कि ऎसा और कोई क्षेत्र अन्यत्र नहीं है जो जन-मन को सभी प्रकार के आनंद और उल्लास से भरा रख सके।
धार्मिक आध्यात्मिक दृष्टि से राजसमन्द जिले में एक छोर पर प्रभु श्रीनाथजी का वैभव है तो दूसरी ओर श्रीचारभुजानाथ का श्रद्धा तीर्थ, कांकरोली में भगवान श्री द्वारिकाधीश बिराज रहे हैं और जिले भर में धर्मस्थलों की दीर्घ श्रृंखला आस्था और विश्वास का समन्दर उमड़ाती रही है।
लोक लहरियोें का आकर्षण
देश-विदेश के सैलानियों के लिए राजसमन्द का मनोरम परिवेश और यहाँ की परंपराएं बहुत अधिक लुभाने वाली हैं। शिल्प-स्थापत्य, धर्म-अध्यात्म की विशेषताओं को समेटने वाले राजसमन्द जिले की कला-संस्कृति, परम्पराएं और लोक लहरियाँ अन्यतम आकर्षण जगाने वाली रही हैं।
आध्यात्मिक विभूतियों, स्वतंत्रता सेनानियों और लोक सेवियों की इस पावन धरा का जर्रा-जर्रा माधुर्य, सौहार्द और उल्लास की अनुभूति कराने वाला है।
राजसमन्दवासियों की धड़कन राजसमन्द की झील व अभिराम नौचौकी की पाल का दिग्दर्शन और सामीप्य जमीं, आसमाँ और पानी तक से जुड़ी सभी आनंदधाराओं का ऎसा अनुभव कराता है कि जो एक बार यहाँ आता है वह बार-बार राजसमन्द की धरा पर आने को उत्सुक रहता है।
श्रद्धा, सौन्दर्य और नैसर्गिक रमणीयता की त्रिवेणी बहाने वाले राजसमन्द की बहुआयामी ख्याति को सुनने वालों के मन-मस्तिष्क में भी जिज्ञासाओं का ज्वार तब तक उमड़ता रहता है, जब तक कि एक बार साक्षात न कर लें।
हिलोरें ले रहा झील का उल्लास
राजसमन्द झील के प्रति जन-मन की अगाध आस्था और आत्मीयता का उमड़ता दरिया उस समय देखने को मिला जब 44 साल के बाद झील चरम यौवन पाकर छलक उठी। करीब माह भर तक राजसमन्द झील स्थानीय और देशी-विदेशी सैलानियों, झील और प्रकृति प्रेमियों का मन मोहती रही।
जिला बने अभी कुछ वर्ष ही हुए हैं लेकिन क्षेत्र के जन प्रतिनिधियों की आंचलिक विकास के प्रति सार्थक पहल और आत्मीय एवं समर्पित भागीदारी की वजह से राजसमन्द प्रदेश के विकासशील जिलों में अग्रिम पहचान बनाने लगा है और कई मायनों में विकसित क्षेत्र की ऊँचाइयां पा चुका है।
सुनहरा विकास परवान पर
बुनियादी सुविधाओं एवं सेवाओं की उपलब्धता के साथ ही विकास से जुड़े कई पहलुओं में राजसमन्द आज महानगरों की हौड़ करने लगा है।
दीर्घकालीन विकास की दृष्टि से रेल सुविधाओं में विस्तार के प्रयासों, स्टेट व नेशनल हाईवे, लोकोपयोगी संसाधनों की उपलब्धता आदि के साथ ही अनेक दूरगामी परिणाम देने वाली योजनाएं मूर्त रूप ले रही हैं। सरकार की सामुदायिक विकास तथा वैयक्तिक उत्थान की योजनाओं, कार्यक्रमों, अभियानों, परियोजनाओं आदि का ठोस क्रियान्वयन होने के साथ ही सामाजिक सरोकारों के निर्वहन में यह जिला आगे ही आगे रहा है।
गूंज रहे तरक्की के तराने
आम जन के उत्थान के लिए कई नवाचारों ने मूर्त रूप लेते हुए अपने उद्देश्यों में आशातीत सफलता हासिल की है। मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान, स्वच्छ भारत मिशन और इसी तरह की कई गतिविधियों ने लोक जीवन और परिवेश को नई व ताजगी भरी दिशा-दृष्टि प्रदान की है।
सुकून का अहसास
जन समस्याओं के त्वरित निस्तारण की पहल, मेलों, पर्वों, उत्सवों की परंपराओं के बेहतर निर्वहन, सरकार की फ्लेगशिप योजनाओं, मुख्यमंत्री बजट घोषणाओं से लेकर विभिन्न विभागों की गतिविधियों ने क्षेत्रीय विकास और जन कल्याण की भावनाओं को साकार करते हुए आम जन को सुकून का अहसास कराया है।
जन-जन की भागीदारी से राजसमन्द जिला आज निरन्तर विकास की डगर पर तेजी से बढ़ता हुआ अपनी खास पहचान कायम करता जा रहा है। आज का राजसमन्द न केवल राजस्थान बल्कि देश के तीव्र प्रगतिशील जिलों में शामिल हो चुका है।

 

 

– डॉ. दीपक आचार्य

सहायक निदेशक (सूचना एवं जनसम्पर्क )
राजसमन्द

 

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हल्दीघाटी में महाराणा प्रताप राष्ट्रीय स्मारक की दुर्दशा पर जिम्मेदार हुए मौन !!

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विकास के नाम पर हुए भ्रष्टाचार की उच्च स्तरीय जाँच एजेंसी से जांच कराने की मांग

राजसमंद । राजसमंद जिला प्रशासन को धोखे में रख राष्ट्रीय स्मारक हल्दीघाटी व चेतक स्मारक के नजदीक सड़क पर बलीचा में घोड़े की मूर्ति लगाने के नाम पर सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करने व कथित संग्रहालय नाम की दुकान के आगे आ रही पहाड़ी नष्ट करने की साजिश का मामला प्रकाश में आया हैं। पूर्व में सन २००७ की बैठकों में चेतक नाले पर बने व्यू पॉइंट पर घोड़े की मूर्ति लगाने की योजना थी।
जानकारी के अनुसार यह सोची समझी साजिश के तहत घोड़े का एकदिवसीय मेला कराने की आड़ में बेशकीमती भूमि पर अतिक्रमण का मामला है जिस पर प्रशासनिक सवा तीन लाख की अलग से स्वीकृति संदेह को गहरा करती है। उनवास ग्राम पंचायत के जनसेवकों का कहना है कि जिला प्रशासन को इसकी पूर्व में लिखित सूचना देकर किसी भी प्रकार के आवंटन पर रोक लगाने की मांग की गई थी। आराजी संख्या 924 चरागाह को बिलानाम करा कर पूर्व में भी इसी तरह अतिक्रमण कर ५ बीघा जमीन तो हड़पी जा चुकी है अब शेष रह गई जमीन पर पार्किंग बना कर राजस्व नुकसान सहित ऐतिहासिक प्राकृतिक धरोहर को नब्बे फीसदी नष्ट किया जा चुका है। हालात यह है कि बलीचा निवासी वर्तमान अतिकर्मी सेवानिवृत शिक्षक द्वारा हल्दीघाटी को अपनी निजी दुकान बना कर रख दी गई है। .. रक्त तलाई – शाहीबाग-हल्दीघाटी दर्रा – चेतक समाधी व स्मारक पर्यटकों के अभाव में सूने पड़े रहते व भ्रमित सूचनाओं के आधार पर पर्यटक सीधा बलीचा जाकर उसे ही हल्दीघाटी समझ 100 रुपया खर्च कर भी मूल धरोहरों को देखने से वंचित रह जाता है।



भ्रष्टाचार की भी कोई तो सीमा होगी ? देश के प्रधान सेवक की राष्ट्रभक्ति पर शक नहीं किया जा सकता तो क्या उनके अधीन आ रहे राजसमंद के सभी जन सेवक भी उसी ईमानदारी के साथ महाराणा प्रताप के स्थलों के साथ न्याय कर रहे है ? यह सोचनीय एवं गंभीर विषय है। अब पूंजीवाद के आगे आखिर कब तक नेता व अधिकारी अपनी आँख बंद कर महाराणा प्रताप राष्ट्रीय स्मारक हल्दीघाटी सहित समूची रणभूमि के बदहाल हालात देखते रहेंगे? राष्ट्रीय महत्व के स्मारक का शिलान्यास 1997 में होता है व महाराणा प्रताप की चेतक पर अश्वारूढ़ प्रतिमा २००९ में लगती है ! बावजूद इसके संरक्षण सभी जिम्मेदार अधिकारी व नेता न जाने कौनसी हिस्सेदारी निभाने के फेर में भ्रष्ट अतिकर्मी को सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करने व सरकारी संग्रहालय को कागजों में दबा कर निजी दुकान की स्वीकृति दे देते है ? सत्य यह है कि २००७ में चेतक द्वारा लांघे गए ऐतिहासिक नाले पर पर्यटकों के लिए व्यू पॉइंट बनाने व यहाँ पर घोड़े की मूर्ति लगाने का प्रारूप रहा था ! अव्वल अधूरे स्मारक का उद्घाटन किया गया , सिर्फ इतना ही नहीं इसके सं्चालन की जिम्मेदारी जिला कलक्टर के अधीन १९९३ में बने कागजी महाराणा प्रताप स्मृति संस्थान को सौंपी गई। आखिर पूंजीवादी संस्थापक महासचिव श्रीमाली को यह बात कहाँ गले उतरने वाली थी। … उसके द्वारा सरकार को बौना साबित करने के चक्कर में कई हथकंडे अपनाये गए व आज पूरी पहाड़ी का प्राकृतिक स्वरुप ही नष्ट कर दिया गया हैं ! पर्यटकों को भ्रमित करने के लिए सड़कों पर बलीचा में चल रही निजी दुकान को संग्रहालय का नाम देकर देश के बड़े बड़े नेताओं सहित शीर्ष अधिकारियों इस कदर गुमराह किया हुआ कि पर्यटक हल्दीघाटी के नाम पर चल रही निजी दुकान में 100 रूपये देख मेवाड़ के महानायक वीर शिरोमणि महराणा प्रताप का नकली भाला व अन्य सामग्री देख ठगे जा रहे हैं
उदयपुर के पर्यटन विभाग ने तो जैसे समूची हल्दीघाटी पूर्व में आरटीडीसी चलाने वाले अतिकर्मी ठेकेदार को ही ठेके पर दे रखी हो ऐसा बर्ताव कर महाराणा प्रताप का दशकों से अपमान किया है। अब देखना यह है कि, कौनसा देशभक्त जनसेवक इस रणधरा की सुध लेकर भ्रष्ट पूंजीवादी ताकतों को संविधान के अनुसार न्याय दिलायेगा। स्थानीय हल्दीघाटी पर्यटन समिति के संस्थापक कमल मानव ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री ,गृहमंत्री , पर्यटन मंत्री सहित प्रदेश की मुख्यमंत्री से हल्दीघाटी के विकास एवं वर्तमान तक विकास के नाम पर हुए भ्रष्टाचार की जाँच करवाए जाने की सोशल मीडिया पर ट्वीट कर माँग की है।
उल्लेखनीय है कि स्थानीय उपखण्ड स्तरीय सतर्कता समिति में २००७ में भी अतिक्रमण की शिकायत पर अतिकर्मी मोहनलाल श्रीमाली को भविष्य में किसी भी प्रकार का कोई अतिक्रमण नहीं करने को पाबंद कराया गया था।


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पालीवाल प्रदेश महासचिव – गर्ग जिलाध्यक्ष नियुक्त

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राजसमन्द। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं विधि,मानवाधिकार एवं आर टी आई विभाग के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट श्री सुशील शर्मा ने प्रदेश महासचिव पद पर एडवोकेट श्री कृष्ण कान्त पालीवाल व जिलाध्यक्ष पद पर श्री रवि गर्ग को नियुक्त किया है।
श्री शर्मा ने बताया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी विधि,मानवाधिकार एवं आर.टी. आई विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री विवेक तनखा के निर्देशानुसार नाथद्वारा निवासी एडवोकेट श्री कृष्ण कान्त पालीवाल को राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के विधि,मानवाधिकार एवं आर.टी.आई. विभाग का महासचिव एवं रवि गर्ग को राजसमन्द जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। पालीवाल वर्तमान तक विधि,मानवाधिकार एवं आर.टी. आई के राजसमन्द जिलाध्यक्ष रहे है। उनकी नियुक्ति से संगठन एवं पार्टी को प्रदेश में और अधिक मजबूती मिलेगी। संगठन के पदाधिकारियों ने पालीवाल की नियुक्ति पर हर्ष व्यक्त कर शुभकामनायें प्रेषित की।


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महाराणा प्रताप के 477 वें जन्मदिवस पर तीन दिवसीय मेले का शुभारम्भ

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अमर सेनानी प्रताप का स्वाभिमान  सर्वोच्च आदर्श – सांसद राठौड़ 
रक्त तलाई में शहीदों को किया नमन – रणबांकुरों की सेना बनी मुख्य आकर्षण 
खमनोर । चाहे कोई भी परिस्थिति हो हमें राष्ट्र के प्रति समर्पण भाव रख कर राष्ट्र हित को सर्वोच्च हित पर रख कर अपने जीवन को यापन करने का सन्देश जो महाराणा प्रताप ने अपने जीवन में जी कर सन्देश हमको दिया है उसको अपने जीवन में अंगीकार कर उस दिशा में आगे बढ़ने से प्रताप जयंती मनाना सार्थक होगा । यह विचार राजसमंद सांसद हरिओम सिंह राठौड़ ने महाराणा प्रताप की 477 वीं जयंती के उपलक्ष्य में पंचायत समिति खमनोर द्वारा आयोजित प्रताप जयंती मेले के शुभारंभ पर मुख्य अतिथि पद से सम्बोधित कर रखे। उन्होंने युवाओं से प्रताप के देश प्रेम और स्वाभिमान सहित त्याग,बलिदान व संघर्ष से प्रेरणा लेने को कहा ।
विधायक कल्याण सिंह चौहान ने पूर्व उपराष्ट्रपति भैरु सिंह शेखावत को याद कर उनके द्वारा प्रताप से जुड़े स्थलों के विकास में राजनीति को दूर रख कार्य करने की सिखावनी को दोहराया व महापुरुषों के नाम पर होने वाली राजनीति से आहत हो भाजपा में शामिल होने के तत्कालीन घटनाक्रम का जिक्र किया।लगातार दूसरी बार विधायक बने चौहान ने मुख्य रणभूमि रक्त तलाई सहित मूल दर्रे एवं राष्ट्रीय स्मारक के विकास पर कुछ नहीं कहते हुए उन्होंने प्रताप के नाम चल रही निजी प्रदर्शनी की सराहना की जिसका प्रवेश प्रति व्यक्ति सौ रुपया है। ज्ञात रहे कि सरकारी संग्रहालय भ्रष्टाचार के कारण आज भी नहीं बन पाया है । महाराणा स्मृति संस्थान द्वारा हल्दीघाटी विकास की बाते 1993 से की जा रही है। कलक्टर पदेन अध्यक्ष व सांसद, विधायक, जिला प्रमुख , प्रधान आदि इसके संरक्षक है ।वर्तमान में राष्ट्रीय स्मारक का संचालन इसी संस्थान पास है ।
पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार ने गौरवशाली इतिहास पुरुष महाराणा प्रताप की जयंती पर समारोह में आमंत्रित करने पर आयोजकों को धन्यवाद दिया व प्रताप से प्रेरणा लेने का आव्हान किया । जिला प्रमुख प्रवेश सालवी ने मेले को सम्बोधित कर प्रताप को सांप्रदायिक एकता की मिसाल बताया ।




प्रताप जयंती के अवसर पर हल्दीघाटी में उत्सव सा माहौल है मेले की शुरुआत रक्त तलाई स्थित शहीद स्मारकों, चेतक समाधी व राष्ट्रीय स्मारक पर पुष्पांजलि कर जय हल्दीघाटी नवयुवक मंडल द्वारा वाहन रैली के रूप में हुई महाराणा प्रताप सहित प्रमुख योद्धाओं का रूप धारण कर युवाओं ने इतिहास को जीवंत कर दिया ।
प्रधान शोभादेवी पुरोहित , उप प्रधान दलजीत सिंह , विकास अधिकारी वीरेंद्र जैन सहित सभी गणमान्य अतिथियों ने सर्वधर्म समभाव का प्रदर्शन कर रामशाह तंवर की छतरियों पर पुष्पांजलि कर झाला मान की छतरी पर श्रद्धासुमन अर्पित किये हाकिम खान की मजार पर चादर चढ़ाई साथ ही श्रीमाली ब्राह्मण शहीद की सती के स्मारक पर चुनरी ओढ़ा कर नमन किया स्वच्छता का सन्देश देते कलश को प्रधान द्वारा सिर पर रख शोभायात्रा को आरम्भ किया गया ।




श्रीनाथजी मंदिर के बैंड की मधुर धुन पर मंडल के युवा अश्वारूढ़ प्रताप सहित वाहन व ऊंट पर सवार प्रमुख योद्धा के रूप में खमनोर कस्बे का भ्रमण कर बस स्टैंड स्थित प्रतिमा पर पुष्पांजलि कर मेला प्रांगण शाहीबाग पहुंचे।मेला उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता प्रधान शोभादेवी पुरोहित ने की मुख्य अतिथि हरिओम सिंह राठौड़ रहे।
मुख्य अतिथि द्वारा विधिवत मेला शुभारम्भ की घोषणा कर विशिष्ट अतिथियों के साथ ध्वजारोहण किया गया ।आरम्भ में मंच पर प्रताप चित्र पर पुष्पहार चढ़ाते हुए दीप प्रज्वलित किया गया। सभी मेहमानों का स्वागत सम्मान आयोजक पंचायत समिति व जैन एकता मंच द्वारा मेवाड़ी परम्परानुसार किया गया ।मंडल अध्यक्ष चेतन पालीवाल द्वारा प्रताप की सेना बने कलाकारों का परिचय देकर उन्हें सम्मानित कराया गया।
जय माँ आदिवासी लोक कला मंडल नाथद्वारा के कलाकारों द्वारा स्वागत गीत,नृत्य की प्रस्तुति दी गई। नृत्यांगना लुईसा टेलर के नृत्य प्रस्तुति पर नकद पारितोषिक प्रदान किया गया। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा प्रस्तुत जादूगर के खेल के जरिये सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारियां दी गई । धन्यवाद उपप्रधान दलजीत सिंह चुण्डावत ने अर्पित किया ।
 विशिष्ट अतिथियों में स्वतंत्रता सैनानी मदन मोहन सोमाटिया, नाथद्वारा विधायक कल्याण सिंह चौहान, जिला प्रमुख परेश सालवी,नगरपालिका नाथद्वारा अध्यक्ष लालजी मीणा ,जिला पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार , भाजपा जिलाध्यक्ष भंवर लाल शर्मा , उपखण्ड अधिकारी सुश्री निशा अग्रवाल , उप अधीक्षक कान सिंह भाटी तहसीलदार राजेंद्र भारद्वाज , समाजसेवी जमनालाल पालीवाल, खमनोर सरपंच ममता वीरवाल, उप सरपंच प्रकाश पालीवाल ,भाजपा नेता नन्दलाल सिंघवी, सरपंच संघ अध्यक्ष सोहन सिंह , भाजपा प्रदेश प्रतिनिधि केशर सिंह चुण्डावत कूंठवा, खमनोर मंडल अध्यक्ष नवनीत पालीवाल, कोठारिया मंडल अध्यक्ष हरदयाल सिंह चौहान , पंचायत समिति सदस्य अमर सिंह , अधिवक्ता अशोक वैष्णव,एस एच ओ मदन सिंह चौहान  आदि रहे ।संचालन शिक्षाविद जमनालाल माली, गोपाल माली एवं अधिवक्ता संदीप मांडोत ने किया।
सेमा चौराहे पर मॉडल स्कूल के विद्यार्थियों ने मनाई प्रताप जयंती – 
प्रताप सर्किल सेमा में स्वामी विवेकानन्द राजकीय मॉडल स्कूल सेमा व ग्रामवासियों द्वारा प्रताप जयंती मनाई गई l प्रधानाचार्य प्रेम शंकर माली, अ.भा.वि.प.जिलाध्यक्ष चित्तोडगढ ओम प्रकाश जटिया ,भेरूलाल सेन, त्रिलोक माली,व लक्ष्मीलाल भील द्वारा प्रताप प्रतिमा पर तिलक माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित किया गया l इस दौरान हरीश सालवी ने “अरे घास री रोटी” कविता से प्रताप की मातृभूमि प्रेम,व त्याग का गुणगान किया गया l प्रेम शंकर माली द्वारा प्रताप की जीवनी पर प्रकाश डाला गया I इस अवसर पर सोहनलाल माली ,पवनकुमार टांक ,दिनेशचन्द्र ,हीना वैष्णव ,भंवरलाल ,जमनालाल ,लखन सिंह ,मंजू सेन ,ग्रामवासी व विद्यार्थी मौजूद थे I

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खमनोर पंचायत समिति क्षेत्र में पांच दिवसीय प्रताप मेले का आगाज 26 मई को मचिंद में

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हल्दीघाटी का त्रिदिवसीय प्रताप जयंती मेला 28 मई से शाहीबाग में 
खमनोर। वीर शिरोमणि,प्रातःस्मरणीय महाराणा प्रताप की 477 वीं जन्म जयंती के अवसर पर  प्रतिवर्ष की भांति प्रताप जयंती का मेला शाहीबाग हल्दीघाटी में 28 मई से व मचिंद में मेला 26 व 27 को आयोजित होगा।  मेले के सफल आयोजन एवं आवश्यक गतिविधियों पर चर्चा हेतु सोमवार दोपहर एक आवश्यक बैठक दलजीतसिह चुण्डावत उपप्रधान की अध्यक्षता में आहूत की गई।
विकास अधिकारी वीरेंद्र कुमार जैन ने सदन को पूर्व में 9 मई को आयोजित बैठक की जानकारी देते हुए बताया गया कि प्रताप जयंती के मेले की पंचायत समिति स्तर पर कमेटियों का गठन किया जाकर कार्य बाँट दिए गए है । जयंती को भव्य बनाने के लिए जनभागीदारी की महति आवश्यकता को ध्यान में रख यह बैठक आयोजित की गई है।
तीन दिवसीय मेले के आयोजन के कार्यक्रमों रूपरेखा से उपस्थित जनप्रतिनिधियों , अधिकारियों एवं सामाजिक संगठनों को अवगत कराया गया जिसमें विभागीय अधिकारियो एवं सामाजिक संगठनों द्वारा अपने सुझावों को बैठक के दौरान रखा गया।
इस वर्ष सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा तीनों दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये जायेंगे।
प्रथम दिवस 28 मई को प्रातः साढ़े सात बजे शोभायात्रा का आयोजन जय हल्दीघाटी नवयुवक मण्डल द्वारा किया जायेगा। शोभायात्रा में इस वर्ष अश्व बीमारियों के चलते शामिल नहीं किये जायेंगे। उक्त शोभायात्रा का प्रस्थान रक्ततलाई प्रांगण से मेला स्थल तक किया जावेगा ,शोभायात्रा के दौरान कलश यात्रा के साथ स्वच्छता संदेश प्रदान करने हेतु वाहन रैली का आयोजन किया जायेगा।  प्रातः दस बजे उदघाटन समारोह शाहीबाग में होकर रात्रिकालीन सांस्कृतिक संध्या का आयोजन होगा।
मेले के दूसरे दिन प्रातः 9 बजे खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन होकर सांयकाल 4 बजे से तीरदांजी ,पहाड चढाई ,रस्साकस्सी (पुरूष/महिला) ,रूमाल झपट्टा ,मटकी रेस व रात्रिकालीन सांस्कृतिक संध्या का आयोजन होगा।  मेले के अंतिम दिन प्रातः 9 बजे से खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। सांयकाल 6 बजे मेले का ध्वज उतारा जाकर  समापन रात्रिकालीन सांस्कृतिक संध्या  के साथ ही आयोजन किया जायेगा ।
हल्दीघाटी युद्धतिथि 18 जून को प्रातः रक्त तलाई स्थित शहीद स्मारकों एवं चेतक समाधी में पर पुष्पांजलि  अर्पित की जायेगी। सायंकाल हल्दीघाटी पर्यटन समिति एवं पंचायत समिति द्वारा वीरता दिवस के रूप में आयोजित दीपांजलि महोत्सव में बलिदानी माटी पर शहीदों के सम्मान में मिटटी के दीपक जलाये जायेंगे। दोपहर में मृण कला प्रदर्शनी का आयोजन होगा।
जिले में घोड़ो व गधों में फ़ैल रही बीमारी की जानकारी देते हुए पशु चिकित्सक ड़ॉ कुलदीप कौशिक ने बताया कि राजसमन्द व उदयपुर के घोड़ों में ग्लैण्डर्स नामक बीमारी फैलने की वजह से घोड़ों व गधों को भीड़भाड़ वाले क्षेत्र से दूर रखने के आदेश राज भवन से प्राप्त हुए है। राजसमन्द में दो घोड़ो को इस बीमारी से ग्रसित पाये जाने पर आवश्यक मृत्यु दी गई है। राज्यपाल के आदेश की प्रतिलिपि से सदन को अवगत कराया गया।
मेले की कार्ययोजना बैठक के दौरान तैयार की जाकर उपस्थित विभाग व सामाजिक संगठनों से चर्चा उपरान्त सधन्यवाद बैठक समाप्त की गई।
 
बैठक में जिला परिषद सदस्या श्रीमती कृष्णा सोनी,पंचायत समिति सदस्य अशोक वैष्णव,जय हल्दीघाटी नवयुवक मंडल अध्यक्ष चेतन पालीवाल,पूर्व अध्यक्ष श्याम लाल पंवार, भाजपा ग्रामीण मंडल अध्यक्ष नवनीत पालीवाल, राणा पूंजा आदिवासी युवा जागृति संस्थान अध्यक्ष मोहन गमेती,नमाना सरपंच नानू राम,सेमा सरपंच मनु गायरी,सरपंच नारायण पालीवाल, मचींद पूर्व सरपंच  तुलसीदास गुर्जर , रमेश दवे बड़ा भाणुजा ,वार्ड पंच विनोद पालीवाल, ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी डॉ. जे.पी.बुनकर, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी अम्बा लाल खटीक,अतिरिक्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी भवानीशंकर पालीवाल, सहायक अभियंता फतहलाल सोनी, विद्युत विभाग सहायक अभियंता सत्यनारायण सांचोरा, कनिष्ठ अभियंता गिरिराज मीणा,

ए एस आई शंकर सिंह ,सचिव जितेंद्र तिवारी,सचिव ओम प्रकाश मीणा आदि मौजूद थे।

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हल्दीघाटी युद्धतिथि पर दीपांजलि के साथ महाराणा प्रताप विषयक कला प्रदर्शनी का आयोजन

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खमनोर । मातृभूमि के स्वाभिमान की रक्षार्थ लड़े गए ऐतिहासिक हल्दीघाटी जनयुद्ध में शहीद हुये देशभक्तों की स्मृति में स्थानीय हल्दीघाटी पर्यटन समिति ,नेहरू युवा केंद्र से संबद्ध नवयुवक मंडलों एवं अन्य प्रताप प्रेमी युवाओं द्वारा भव्य श्रद्धांजलि व दीपांजलि समारोह वीरता दिवस के रूप में आयोजित किया जायेगा ।
इस वर्ष हल्दीघाटी युद्ध तिथि 18 जून  के अवसर पर होने वाले आयोजन में एक नया अध्याय जोड़ा गया है। जिसके तहत महाराणा प्रताप व हल्दीघाटी विषयक कला प्रदर्शनी का भी आयोजन रक्त तलाई परिसर में होगा। इस संदर्भ में माटी की कला से जुड़े प्रदर्शनी समन्वयक डॉ. गगन बिहारी दाधीच ने बताया कि माटी से बने तवे ( केलड़ी ) पर देशभर से आमंत्रित 70 से ज्यादा कलाकार प्रताप व हल्दीघाटी से जुड़े प्रसंगों पर चित्रण कर रहे है जिन्हें हल्दीघाटी युद्धतिथि को प्रदर्शित किया जाएगा। डॉ. दाधीच ने बताया कि गत एक माह से इस आयोजन की तैयारियां चल रही है तथा दिल्ली, अहमदाबाद,पटना,भोपाल,ग्वालियर के साथ ही राज्य में जयपुर, उदयपुर, नाथद्वारा, राजसमन्द,नागौर, अजमेर, कोटा,बूंदी व टोंक के कलाकारों को तवे भिजवा दिये गए तथा इन पर चित्रण भी शुरू कर दिया गया है।
पर्यटन समिति के कमल मानव ने बताया कि हल्दीघाटी युद्ध तिथि पर अश्वारूढ़ दल सहित चेतक समाधी पर प्रताप के प्रिय अश्व की शहादत को नमन किया जायेगा। दिनभर प्रदर्शनी, संगोष्ठी व अन्य कार्यक्रम होंगे। सायंकाल समूची रण धरा रक्त तलाई को सामूहिक रूप से दीपक की रोशनी से रोशन किया जायेगा। इस अवसर पर आगंतुक देशभक्त स्वरांजलि व काव्यांजलि दे कर सर्वधर्म समभाव की प्रार्थना भी करेंगे।

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