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मण्डावर के मांगू सिंह को मिला “मुख्यमंत्री स्वच्छता सम्मान”

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करवा चौथ पर शौचालय गिफ्ट करने पर मिला सम्मान

राजसमंद जिले के भीम उपखंड क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत मण्डावर में सरपंच प्यारी रावत के प्रेरणा पर करवा चौथ के उपलक्ष पर शौचालय बना कर अपनी पत्नी को भेंट करने हेतु मंडावर (कनियातों की गुआर) निवासी मांगू सिंह रावत को राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के द्वारा स्वच्छ भारत मिशन में नवाचार करके क्षेत्र में प्रेरणास्त्रोत बनने पर “मुख्यमंत्री स्वच्छता सम्मान” प्रदान किया गया । मांगू सिंह को मुख्य-मंत्री स्वच्छता सम्मान मिलने पर सरपंच प्यारी रावत, ग्राम सेवक भगवान सहाय मीणा, पंचायत सहायक राजेंद्र सिंह, मेघ सिंह, चंदन सिंह, प्रेरक प्रेम सिंह, सुमित्रा चौहान, मगरा विकास मंच अध्यक्ष जसवंत सिंह, ग्राम विकास समिति अध्यक्ष चुन्नासिंह चौहान, बीजेपी अध्यक्ष नेतसिंह कनियात, वार्डपंच पानी देवी कार्यकर्ता सायर देवी ने हर्ष व्यक्त किया है।

करवा चौथ पर शौचालय किया था गिफ्ट

स्वच्छ भारत मिशन के तहत सरपंच प्यारी रावत के प्रेरणा पर मांगू सिंह ने अपनी पत्नी को करवा चौथ पर शौचालय बना कर गिफ्ट किया था । इस बात को लेकर गांव, पूरे जिले एवं देशभर में चर्चा का विषय बना रहा ।इस तरह करवा चौथ पर शौचालय गिफ्ट करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्विटर पर ट्वीट किया और प्रेरणास्त्रोत मांगू सिंह व सरपंच प्यारी रावत को बधाइयां प्रेषित की।

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स्वर्णिम विकास के इन्द्रधनुष दर्शा रहा है राजसमन्द

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राजसमन्द। प्रकृति और परिवेश की तमाम खूबियों, मन को सुकून देने वाली आबोहवा और विकास के तमाम आयामों से लेकर आधुनिक सरोकारों तक के मामले में आज का राजस्थान अपने आप में सतरंगी तरक्की का दिग्दर्शन करा रहा है।

राजस्थान का हर भूभाग अपने आप में ढेरों खासियतों से इतना अधिक भरा-पूरा है कि यहाँ प्रकृति अपने तमाम रूप-रंगों और विलक्षणताओं के साथ विद्यमान है।
राजस्थान प्रदेश में राजसमन्द झील के नाम पर स्थापित राजसमन्द जिला अपने भीतर इतनी अधिक खूबियों को समाहित किए हुए है कि जो इस भू भाग में आता है वह तन-मन के सुकून और दिमागी ताजगी के अनुभव के साथ ही इतना अधिक प्रफुल्लित हो उठता है कि बार-बार इस धरा की ओर आकर्षित होने का लोभ संवरित नहीं कर पाता। राजसमन्द के अनुपम सौन्दर्य और लोक लहरियों के आनन्द को वही जान सकता है जो यहाँ की आबोहवा में विचरण या निवास कर चुका है।
झर रहे ऎतिहासिक गाथाओं के प्रपात
प्रातः स्मरणीय वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप के शौर्य और पराक्रम की गाथाओं की गूंज से ओज-तेज से भरे-पूरे राजसमन्द की पहचान देश और दुनिया में है। ऎतिहासिक और पुरातात्ति्वक महत्व के प्राचीन दर्शनीय एवं पर्यटन स्थलों, नैसर्गिक रमणीयता से परिपूर्ण पहाड़ों, घने जंगलों और हरियाली का समन्दर दर्शाती यह धरा प्राचीन काल से आकर्षण का केन्द्र रही है।
सब कुछ है अभिराम
राजसमन्द झील के नाम से प्रसिद्ध राजसमन्द जिला अपने भीतर इतनी अधिक विलक्षणताओं से भरा है कि ऎसा और कोई क्षेत्र अन्यत्र नहीं है जो जन-मन को सभी प्रकार के आनंद और उल्लास से भरा रख सके।
धार्मिक आध्यात्मिक दृष्टि से राजसमन्द जिले में एक छोर पर प्रभु श्रीनाथजी का वैभव है तो दूसरी ओर श्रीचारभुजानाथ का श्रद्धा तीर्थ, कांकरोली में भगवान श्री द्वारिकाधीश बिराज रहे हैं और जिले भर में धर्मस्थलों की दीर्घ श्रृंखला आस्था और विश्वास का समन्दर उमड़ाती रही है।
लोक लहरियोें का आकर्षण
देश-विदेश के सैलानियों के लिए राजसमन्द का मनोरम परिवेश और यहाँ की परंपराएं बहुत अधिक लुभाने वाली हैं। शिल्प-स्थापत्य, धर्म-अध्यात्म की विशेषताओं को समेटने वाले राजसमन्द जिले की कला-संस्कृति, परम्पराएं और लोक लहरियाँ अन्यतम आकर्षण जगाने वाली रही हैं।
आध्यात्मिक विभूतियों, स्वतंत्रता सेनानियों और लोक सेवियों की इस पावन धरा का जर्रा-जर्रा माधुर्य, सौहार्द और उल्लास की अनुभूति कराने वाला है।
राजसमन्दवासियों की धड़कन राजसमन्द की झील व अभिराम नौचौकी की पाल का दिग्दर्शन और सामीप्य जमीं, आसमाँ और पानी तक से जुड़ी सभी आनंदधाराओं का ऎसा अनुभव कराता है कि जो एक बार यहाँ आता है वह बार-बार राजसमन्द की धरा पर आने को उत्सुक रहता है।
श्रद्धा, सौन्दर्य और नैसर्गिक रमणीयता की त्रिवेणी बहाने वाले राजसमन्द की बहुआयामी ख्याति को सुनने वालों के मन-मस्तिष्क में भी जिज्ञासाओं का ज्वार तब तक उमड़ता रहता है, जब तक कि एक बार साक्षात न कर लें।
हिलोरें ले रहा झील का उल्लास
राजसमन्द झील के प्रति जन-मन की अगाध आस्था और आत्मीयता का उमड़ता दरिया उस समय देखने को मिला जब 44 साल के बाद झील चरम यौवन पाकर छलक उठी। करीब माह भर तक राजसमन्द झील स्थानीय और देशी-विदेशी सैलानियों, झील और प्रकृति प्रेमियों का मन मोहती रही।
जिला बने अभी कुछ वर्ष ही हुए हैं लेकिन क्षेत्र के जन प्रतिनिधियों की आंचलिक विकास के प्रति सार्थक पहल और आत्मीय एवं समर्पित भागीदारी की वजह से राजसमन्द प्रदेश के विकासशील जिलों में अग्रिम पहचान बनाने लगा है और कई मायनों में विकसित क्षेत्र की ऊँचाइयां पा चुका है।
सुनहरा विकास परवान पर
बुनियादी सुविधाओं एवं सेवाओं की उपलब्धता के साथ ही विकास से जुड़े कई पहलुओं में राजसमन्द आज महानगरों की हौड़ करने लगा है।
दीर्घकालीन विकास की दृष्टि से रेल सुविधाओं में विस्तार के प्रयासों, स्टेट व नेशनल हाईवे, लोकोपयोगी संसाधनों की उपलब्धता आदि के साथ ही अनेक दूरगामी परिणाम देने वाली योजनाएं मूर्त रूप ले रही हैं। सरकार की सामुदायिक विकास तथा वैयक्तिक उत्थान की योजनाओं, कार्यक्रमों, अभियानों, परियोजनाओं आदि का ठोस क्रियान्वयन होने के साथ ही सामाजिक सरोकारों के निर्वहन में यह जिला आगे ही आगे रहा है।
गूंज रहे तरक्की के तराने
आम जन के उत्थान के लिए कई नवाचारों ने मूर्त रूप लेते हुए अपने उद्देश्यों में आशातीत सफलता हासिल की है। मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान, स्वच्छ भारत मिशन और इसी तरह की कई गतिविधियों ने लोक जीवन और परिवेश को नई व ताजगी भरी दिशा-दृष्टि प्रदान की है।
सुकून का अहसास
जन समस्याओं के त्वरित निस्तारण की पहल, मेलों, पर्वों, उत्सवों की परंपराओं के बेहतर निर्वहन, सरकार की फ्लेगशिप योजनाओं, मुख्यमंत्री बजट घोषणाओं से लेकर विभिन्न विभागों की गतिविधियों ने क्षेत्रीय विकास और जन कल्याण की भावनाओं को साकार करते हुए आम जन को सुकून का अहसास कराया है।
जन-जन की भागीदारी से राजसमन्द जिला आज निरन्तर विकास की डगर पर तेजी से बढ़ता हुआ अपनी खास पहचान कायम करता जा रहा है। आज का राजसमन्द न केवल राजस्थान बल्कि देश के तीव्र प्रगतिशील जिलों में शामिल हो चुका है।

 

 

– डॉ. दीपक आचार्य

सहायक निदेशक (सूचना एवं जनसम्पर्क )
राजसमन्द

 

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दी आर्ट आॅफ लिविंग का रूरल यस कोर्स सम्पन्न

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खमनोर। सामाजिक संस्था दी आर्ट आॅफ लिविंग का रूरल यस कोर्स उच्च माध्यमिक विद्यालय शिशोदा में सम्पन्न हुआ।
प्रशिक्षक प्रवीण सनाढ्य ने बताया कि इस शिविर में 13 से 18 वर्ष की उम्र के बच्चों ने हिस्सा लिया। आयोजित शिविर में योग, प्रणायाम, ध्यान, सूर्य नमस्कार व श्वासों की अति दुर्लभ प्रक्रिया सुदर्शन क्रिया का विशेष प्रशिक्षण दिया गया।
शारीरिक शिक्षक गोपाल लाल व ओम पालीवाल ने जानकारी दे बताया कि समाज सेवा शिविर के दौरान यह शिविर पिछले 4 वर्षों से प्रतिवर्ष विद्यालय में आयोजित कराया जा रहा है। शिविर में कुल 55 बच्चों ने भाग लिया।
इस शिविर से बच्चों में अपनी आंतरिक शक्ति का अहसास कर अभ्यास के चलते पर्याप्त शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक परिवर्तन हुए जिससे उनके आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है।

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खमनोर नाथद्वारा रोड़ पर गुजरते ट्रोलों से दुर्घटना का अंदेशा – बस स्टैंड के हालात गंभीर 

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खमनोर। बस स्टैंड प्रताप तिराहे सहित गांव के मुख्य मार्ग पर फैलती गन्दगी व लचर यातायात प्रबंधन से महाराणा प्रताप की रणभूमि हल्दीघाटी रक्त तलाई देखने आने वाले पर्यटक परेशान है। ग्राम पंचायत बस स्टैंड के सौंदर्यीकरण को चाह कर भी करा पाने में स्थानीय चंद अड़ंगेबाजो के चलते नाकाम रही है। आवारा पशुओं से फल सब्जी विक्रेता परेशान है वही चाय नाश्ता, ज्यूस बेचने वालों द्वारा सारी गन्दगी रात को सड़क पर डालने से जनता परेशान है। पशु यहाँ वह डाली गई गंदगी को खाकर अकाल काल का ग्रास बन रहे इस बात को भी नाकारा नहीं जा सकता है ।
टोल बचाने के चक्कर में गुजरने वाले ट्रोलों की वजह से यहां आये दिन लगने वाले जाम से दुर्घटना का भी अंदेशा है। बेतरतीब खड़े रहने वाले वाहनों से पैदल चलने वाला राहगीर परेशान हैं । स्टाफ की कमी से जूझते पुलिस विभाग की हालत तो यह है कि ट्रैफिक व्यवस्था केवल किसी वीआईपी के हल्दीघाटी आगमन पर ही यातायात व्यवस्था को चौबंद रख पाती है।
जनप्रतिनिधियों के साथ सौन्दर्यीकरण व यातायात व्यवस्था सुव्यवस्थित करने के लिए पूर्व में आयोजित कई बैठकों के आज दिन तक कोई परिणाम नजर नहीं आ रहे है।  बस स्टैंड पर बेतरतीब खड़े वाहन, बढ़ते स्थायी अस्थायी ठेले केबिन यहाँ प्रतीक्षारत राहगीरों को बैठने के लिए बनाये गये विश्राम घर को ही लुप्त कर चुके है।
ज्ञात रहे कि पूर्व में बस स्टैंड प्रताप तिराहे के इर्दगिर्द लगे केबिन धारकों को पंचायत द्वारा कियोस्क लगा कर व्यवस्थित कराने की योजना बनाई गई थी। स्थानीय अवसरवादी कंटकों द्वारा नाहक विरोध कर उसे लटका दिया गया था। वर्तमान में  यात्री प्रतीक्षालय पर शॉपिंग काम्प्लेक्स बनाने की घोषणाएं भी थोथी साबित हो रही हैं । पंचायत आज तक कोई ठोस विकास बस स्टैंड पर नहीं करा पाई है। कड़ी से कड़ी जुडी होने के बाद भी गांव में कांग्रेस की पंचायत होने से समस्या जस की तस है। महाराणा प्रताप की रणभूमि खमनोर हल्दीघाटी में जयंती व युद्धतिथि ( मई जून ) के अवसर पर मेले का भी आयोजन होना है देखना होगा कि प्रशासन धरोहर स्थलों की कितनी सुध लेता है।
इनका कहना है :- 
हमारा प्रयास है कि यात्री प्रतिक्षालय सहित बस स्टैंड का विकास शीघ्र हो ।कुछ अवसरवादी तत्वों द्वारा विकास कार्यो में बाधा पहुँचाने का प्रयास किया जाता रहा है। यातायात व्यवस्था हेतु दुपहिया वाहनों की पार्किंग हेतु पीली लाईन पुलिस प्रशासन की मदद से करवाई जाएगी।पंचायत स्तर पर ट्रेक्टर द्वारा प्रतिदिन गंदगी हटा कर सफाई करायी जाती है । आवारा पशु कहलाने वाले पशु के पालकों को चिन्हित कर सडकों पर नहीं  छोड़ने बाबत सूचित किया जायेगा ।
श्रीमती ममता वीरवाल – सरपंच ,ग्राम पंचायत खमनोर।
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बस स्टैंड पर बस खड़ी करने की भी कोई जगह आज तक सुनिश्चित नहीं हो पाई है। दुकानों के आगे बस खड़ी की जाती है। वैवाहिक अवसरों पर तो हालात और भी गंभीर हो जाते है। प्रशासन को इसकी सुध लेकर तहसील मुख्यालय पर विधिवत बस स्टैंड का निर्माण करना चाहिए।
रामचंद्र पालीवाल- अध्यक्ष-
महाराणा प्रताप एकीकृत व्यापार मंडल ,खमनोर ।
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भारत के प्रथम स्वतंत्रता सेनानी वीर प्रताप की रणधारा राष्ट्रीय स्मारक से रक्त तलाई तक पर्यटकों की  सुलभ सुरक्षित पहुंच के प्रयास सरकार की प्रथम प्राथमिकता होना चहिये । कूट राजनीति के चलते क्षेत्र आज भी उपेक्षित है । ग्रामीण क्षेत्र में सुरक्षित यातायात,पूर्ण स्वच्छता, साफ सुथरी सड़क, पर्यटन विकास  सहित कई विषय आज भी अछूते है ।
कमल मानव
सामाजिक कार्यकर्त्ता , हल्दीघाटी पर्यटन समिति

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गोस्वामी विशाल बावा द्वारा परिण्डे वितरण का शुभारम्भ

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नाथद्वारा । नगर की स्वंय सेवी संस्था लायन्स वल्लभा श्री नाथद्वारा द्वारा प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी मूक पक्षीयों हेतु गर्मियों में सहजता से जल उपलब्ध कराने के पुनीत उद्देश्य से मिट्टी के परिण्डे वितरण सेवा कार्य का शुभारम्भ गोस्वामी भुपेश कुमार (विशाल बावा) के कर कमलों से मोती महल में किया गया ।
गोस्वामी विशाल बावा ने मोती महल स्थित चबुतरे पर पक्षियों के लिये परिण्डों में जल एवं अन्न भर कर रखा ।
इस अवसर पर लायन्स क्लब वल्लभा द्वारा किये जा रहे सेवा कार्यो का संक्षिप्त विवरण दिया साथ ही वैष्णवों के लाभार्थ योजनाओं का सुझाव दिया गया एवं वर्तमान में हो रही समस्याओं के बारे में बताया गया ।
गोस्वामी विशाल बावा ने क्लब के द्वारा किये जो रहे निःस्वार्थ सेवा कार्यो की सराहना करते हुए क्लब सदस्यों का उपरना ओढ़ाकर सम्मान किया , क्लब सदस्य ने बताया कि लायन्स क्लब इन्टरनेशनल 2017 में अपने स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण कर रहा है । इस समय 210 देशों में 46000 से भी अधिक लायन्स क्लब की शाखाऐं है । स्थापना शताब्दी के अवसर पर लायन्स क्लब वल्लभा द्वारा विशाल बावा को स्मृती चिन्ह के रूप में लायन पिन भेंट की गई व सदस्यों द्वारा शाल व उपरना ओढ़ाया गया । क्लब के आग्रह पर विशाल बावा ने क्लब के संरक्षक बनने हेतु सहमती प्रदान की ।


इस अवसर पर क्लब अध्यक्ष, सौरभ लोढ़ा, पूर्व अध्यक्ष कोमल पालीवाल, विजेश सिसोदिया, पंकज छापरवाल, क्लब सचिव, भुपेश भाटिया, दिलीप कसेरा, विजेश कुमावत, उमंग मेहता, उत्सव भाटिया, वैभव पामेचा, जितेन्द्र पारीख, राहुल पारीख, दिपेश पारीख तथा मंदिर मण्डल से अधिकारी सुधाकर जी शास्त्री, परेश पण्ड्या, गिरिश व्यास तथा समाजसेवी सचिन भाटिया, प्रदीप काबरा भी उपस्थित थे ।

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राजसमन्द जिले की केसुली ग्राम पंचायत ओडीएफ घोषित ग्रामीणों ने धूमधाम से गौरव यात्रा निकाली और किया समारोह

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सांसद, विधायक, जिला प्रमुख एवं जिला कलक्टर ने दी ग्रामीणों को बधाई

खमनोर/राजसमन्द। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अन्तर्गत पंचायत समिति खमनोर की केसुली ग्राम पंचायत के खुले में शौच मुक्त होने पर शनिवार को ग्रामीणों ने हर्ष और उल्लास के साथ गौरव यात्रा निकाली और समारोह आयोजित कर खुशी का इजहार किया।
स्वच्छता के लिए समर्पित रहें

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि सांसद हरिओम सिंह राठौड़ ने देश से गंदगी हटाने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नारे को साकार करने के लिए मिल-जुलकर समर्पित दायित्वों के निर्वाह का आह्वान जन-जन से किया और कहा कि इसके लिए हमें अपनी सोच में बदलाव लाना होगा।
सांसद राठौड़ ने इस परिवर्तन को लाने में पंचायतीराज जनप्रतिनिधियों की महत्ती भूमिका पर बल दिया और कहा कि वे मानवीय एवं भौतिक दोनों प्रकार के विकास के बीच समन्वय स्थापित करते हुए स्वच्छ भारत मिशन के लक्ष्य पाने में भागीदारी निभाएं।
राजसन्द रहेगा अव्वल


नाथद्वारा विधायक कल्याण सिंह चौहान ने अध्यक्षता करते हुए कहा की स्वच्छता को लेकर विगत कई वर्षो से प्रयास किए जा रहे है लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने न केवल विचारों में बल्कि आचरण में स्वच्छता को स्वीकार करने को लेकर के जो अभियान छेड़ा है उसके व्यापक परिणाम हमारे सामने आने लगे है।
चौहान ने विश्वास दिलाया कि राजसमन्द जिले में स्वच्छता अभियान में पंचायत समिति खमनोर एवं विधानसभा क्षेत्र नाथद्वारा खुले में शौच मुक्त होकर सबसे पहले आदर्श कायम करेगा।
इस अवसर पर उन्होने केसुली ग्राम पंचायत मुख्यालय ग्राम गौरवपथ, स्कूल खेल मैदान, समतलीकरण करवाने की घोषणा की।
समर्पित प्रयास करें, ओडीएफ बनाएं


विशिष्ट अतिथि जिला कलक्टर श्रीमती अर्चना सिंह ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा की स्वच्छता के संस्कार भारतीय समाज के प्राचीन आदर्श रहे हैं, इसलिए हमें अपनी नई पीढ़ी में स्वच्छता के संस्कारों को मन, वचन एवं कर्म से आत्मसात करने के प्रयास करने होंगे।
जिला कलक्टर ने कहा कि सरकार ने खुले में शौच से मुक्त होने वाली ग्राम पंचायतों को विकास कार्यो में विशेष प्राथमिकता दी है। उन्होंने उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों से अपनी ग्राम पंचायतों को समयबद्ध योजना के अनुसार खुले में शौच से मुक्त करने की अपील की।

शौचालयों का उपयोग सुनिश्चित हो


जिला प्रमुख प्रवेश कुमार सालवी ने शौचालयों के निर्माण के साथ ही इनका उपयोग सुनिश्चित करने पर जोर दिया और कहा कि स्वच्छता के प्रति खुद भी जागरुक रहें और आस-पास भी चेतना जगाएं।
उन्होंने कहा कि केसुली ग्राम पंचायत से दूसरी पंचायतों को भी सीख लेनी चाहिए, तभी स्वच्छ भारत मिशन का सपना साकार होगा।
समारोह में खमनोर प्रधान शोभा पुरोहित, उपप्रधान दलजीत सिंह, जिला समन्वयक नानालाल सालवी, स्वच्छता प्रेरक मनीष दवे आदि ने भी संबोधित किया।
समारोह में उपखण्ड अधिकारी निशा, तहसीलदार राजेन्द्र भारद्वाज, दलपत सिंह, खण्ड समन्वयक स्वच्छता व अन्य विभागीय कर्मचारी, अधिकारी सहित समाजसेवी कुंवर अजीतसिंह, संजयसिंह बारहठ, हरजीत सिंह, पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य एवं विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंच उपस्थित थे।


इससे पूर्व अतिथियों का स्वागत करते हुए खमनोर पंचायत समिति के विकास अधिकारी विरेन्द्र जैन एवं सरपंच मांगीलाल सुथार ने केसुली ग्राम पंचायत के खुले में शौच से मुक्त होने की प्रक्रिया पर विस्तार से प्रकाश डाला।
समारोह में स्थानीय विद्यालय की छात्र-छात्राओं ने स्वच्छता विषयक गीत, नृत्य एवं लघु नाटिकाएं प्रस्तुत की। समारोह का संचालन दिनेश श्रीमाली ने किया।
श्रेष्ठ कार्मिकों का सम्मान
इस अवसर पर स्वच्छ भारत मिशन में ग्राम पंचायत स्तर पर सहयोग करने वाले 24 अधिकारियों एवं कर्मचारियाें को सम्मानित करते हुए सांसद राठोड़ ने केसुली ग्राम पंचायत को खुले में शौच से मुक्त होने पर शुभकामना संदेश पत्र भेंट किया।
इससे पूर्व गाजे-बाजे के साथ ऊँट, घोड़ों की भव्य मंगल कलश यात्रा के साथ गौरव यात्रा स्थानीय ग्रामीणों द्वारा ग्राम पंचायत के सभी प्रमुख मार्गो से निकाली गई।







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नमामि गंगे कार्यक्रम के शीघ्र कार्यान्वयन के लिए 19 अरब रुपये लागत की परियोजनाओं को मंजूरी

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उत्‍तराखंड, बिहार, झारखंड और दिल्‍ली में शुरू होंगी 20 परियोजनाएं

नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) की कार्यकारी समिति ने गंगा को स्वच्छ बनाने के अभियान में तेजी लाने के लिए करीब 19 अरब रुपये लागत वाली परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान कर दी है। कार्यकारी समिति की 02 मार्च, 2017 को हुई बैठक में मंजूर की गई 20 परियोजनाओं में से 13 उत्तराखंड से सम्बद्ध है जिनमें नए मलजल उपचार संयंत्रों की स्थापना, मौजूदा सीवर उपचार संयंत्रों का उन्नयन और हरिद्वार में मलजल नेटवर्क कायम करने जैसे कार्य शामिल हैं। इन सभी पर करीब 415 करोड़ रुपये की लागत आएगी। हरिद्वार देश के सर्वाधिक पवित्र शहरों में से एक है, जहाँ हर वर्ष लाखों श्रद्धालु आते हैं। अनुमोदित योजना का लक्ष्य न केवल शहर के 1.5 लाख स्थानीय निवासियों द्वारा, बल्कि विभिन्न प्रयोजनों के लिए इस पवित्र स्थान की यात्रा करने वाले लोगों द्वारा उत्सर्जित मलजल का उपचार भी करना है। इन सभी परियोजनाओँ के लिए केंद्र सरकार द्वारा पूर्ण वित्त पोषण किया जाएगा। यहाँ तक कि इन परियोजनाओं के प्रचालन और रख-रखाव का खर्च भी केंद्र सरकार वहन करेगी।

उत्तराखंड में अनुमोदित अन्य परियोजनाओं में से चार परियोजनाएं अलकनंदा नदी का प्रदूषण दूर करने से संबंधित है, ताकि नीचे की तरफ नदी की धार का स्वच्छतर प्रवाह सुनिश्चित किया जा सके।  इसमें गंदे पानी के नालों को नदी में जाने से रोकने के लिए उनका मार्ग बदलना, बीच मार्ग में अवरोधक संयंत्र लगाना और साथ ही चार महत्वपूर्ण स्थानों – जोशीमठ, रुद्रप्रयाग, कर्णप्रयाग और कीर्तिनगर में नए लघु एसटीपीज़ लगाना शामिल है, जिन पर करीब 78 करोड़ रूपये की लागत आएगी। इनके अलावा गंगा का प्रदूषण दूर करने के लिए ऋषिकेश में 158 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली एक बड़ी परियोजना का अनुमोदन किया गया है। गंगा जैसे ही पर्वत से उतरकर मैदानी भाग में प्रवेश करती है, तो वहीं ऋषिकेश से नगरीय प्रदूषक गंगा में मिलने शुरू हो जाते हैं। गंगा को इन प्रदूषकों से छुटकारा दिलाने के लिए ऋषिकेश में यह सर्व-समावेशी परियोजना शुरू करने को हरी झंडी दिखाई गयी है। इससे न केवल सभी शहरी नालों को ऋषिकेश में गंगा में जाने से रोका जा सकेगा बल्कि उत्सर्जित जल को उपचार के जरिए फिर से इस्तेमाल योग्य भी बनाया जाएगा। ऋषिकेश संबंधी इस विशेष परियोजना में लक्कड़घाट पर 26 एमएलडी क्षमता के नये एसटीपी का निर्माण किया जाएगा जिसके लिए ऑनलाइन निगरानी प्रणाली की भी व्यवस्था है।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्‍ली में 665 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से उत्कृष्ट प्रदूषक मानकों के साथ 564 एमएलडी क्षमता के अत्याधुनिक ओखला मलजल उपचार संयंत्र के निर्माण की परियोजना भी अनुमोदित की गयी है। यह संयंत्र मौजूदा एसटीपी फेज़- I, II, III और IV का स्थान लेगा। इसके अलावा पीतमपुरा और कोंडली में 100 करोड़ रुपये से अधिक अनुमानित लागत वाली नई मलजल पाइपलाइनें बिछाने की दो परियोजनाएं भी मंजूर की गयी है, ताकि रिसाव रोका जा सके।

पटना में कर्मालिचक और झारखंड में राजमहल में 335 करोड़ रुपये से अधिक लागत से मलजल निकासी संबंधी कार्यों का भी कार्य समिति की बैठक में अनुमोदन किया गया। वाराणसी में, जहां वर्ष भर लाखों तीर्थ यात्री आते हैं, गंगा के प्रदूषण की समस्या का समाधान करने के लिए सार्वजनिक-निजी-भागीदारी यानी पीपीपी मॉडल वाली 151 करोड़ रुपये की परियोजना का भी कार्यकारिणी की बैठक में अनुमोदन किया गया।

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स्वच्छ शक्ति कार्यशाला आयोजित

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खमनोर। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अन्तर्गत ब्लाॅक खमनोर की ग्राम पंचायत सेमा के राजस्व गांव खेडी में स्वच्छ शक्ति 2017 के तहत स्वयं सहायता समुह की महिलाओं की महिला दिवस के अवसर पर विकास अधिकारी वीरेंद्र जैन की अध्यक्षता में स्वच्छ शक्ति कार्यशाला रखी गई, जिसमें विकास अधिकारी द्वारा महिलाओं के अधिकारों व स्वच्छ भारत मिशन के बारें में जानकारी दी गई व समस्त महिलाओं को स्वच्छता के प्रति जागरूक कर शौचालय निर्माण कर उनका उपयोग करने की शपथ दिलाई व खमनोर ब्लाॅक को खुले में शौच मुक्त करने में सहयोग करने की अपील की गई ।
उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में सभी अतिथियों नें अपने विचार व्यक्त किये जिसमें ब्लाॅक काॅर्डीनेटर, सरपंच ग्राम पंचायत सेमा एवं अन्य गणमान्य नागरिक मौजुद थे।






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मंदिर मंडल द्वारा रस रंग समागम 11 व 12 मार्च को – वॉल ऑफ़ द लार्ड की प्रतिभाओं के साथ सांसद राठौड़ का होगा सम्मान

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नाथद्वारा। प्रभु श्रीनाथजी का पावन धाम ‘नाथद्वारा’ पुष्टिमार्गीय वल्लभ संप्रदाय की प्रमुख पीठ है। नाथद्वारा की चित्र शैली का उद्भव श्रीनाथजी के नाथद्वारा में आगमन के साथ ही माना जाता है। पिछवाई कला के लिए मशहूर नगर की चित्र शैली को प्रोत्साहन देने के क्रम में गोस्वामी विशाल बावा द्वारा मंदिर मंडल मुख्य निष्पादन अधिकारी दिनेश चंद्र कोठारी के सामंजस्य से मंदिर परिक्रमा को संजोने का कार्य तीव्र गति से चल रहा है। विशाल बावा ने स्वयं इस कार्य का समारोहपूर्वक जनवरी 2017 में शुभारंभ किया। स्थानीय चित्रकारों द्वारा श्रीकृष्ण की लीलाओं के दर्शन कराते चित्रों के सृजन से आमजन के साथ वैष्णवों द्वारा इसकी सराहना की जा रही है।

आगामी 11व 12 मार्च को तिलकायत श्री राकेश महाराज की आज्ञा से होली पर्व के उपलक्ष्य में रस रंग समागम समारोह का आयोजन किया जायेगा।

मंदिर के जनसंपर्क अधिकारी गिरीश व्यास से प्राप्त जानकारी अनुसार 11 मार्च को होली स्नेह मिलन व हास्य रस कवि सम्मेलन का आयोजन होगा। 12 मार्च को वॉल ऑफ़ द लार्ड के तहत परिक्रमा में चल रहे चित्रण कार्य में अपनी प्रशंसनीय सेवाएं देने वाले चित्रकारों व राजसमन्द सांसद हरिओम सिंह राठौड़ का नाथद्वारा व राजसमन्द को रेल सेवा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने पर सम्मानित किया जायेगा।समारोह में प्रख्यात भजन सम्राट भगवती प्रसाद गन्धर्व रसिया की प्रस्तुति देंगे।







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