राजसमन्द में नशा एवं एनिमिया मुक्त राजस्थान अभियान का आगाज सामाजिक सरोकारों के निर्वाह में युवा शक्ति आगे आए – जिला कलक्टर

राजसमंद। एनिमिया एक बड़ी स्वास्थ्य समस्या है जिस पर ध्यान देते हुए राज्य सरकार ने एक बड़ी पहल करते हुए विभिन्न आयु वर्ग के लोगों में खून की कमी को पूरा करने के लिए एनिमिया मुक्त राजस्थान अभियान शुरू किया गया है। वहीं नशा समाज के लिएनासूर की तरह है जिसके कारण व्यक्ति, परिवार और समाज को बड़ा नुकसान उठाना पड़ता है। स्वस्थ समाज के लियें विशेषरूप से विद्यार्थियों को इन दोनो कार्यक्रमों के बारे में सजगता के साथ घर-परिवार एवं अपने आस पास चर्चा करनी चाहिए। नशे से दूर रहना चाहिये तथा पोषक भोजन को लेकर सजग रहना चाहिए ।

यह आह्वान जिला कलक्टर अरविन्द पोसवाल ने सर्वोदय दिवस के उपलक्ष में यहां श्री बालष्ण विद्या भवन राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में नशामुक्त एवं एनिमिया मुक्त राजस्थान अभियान के जिला स्तरीय शुभारंभ समारोह पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए किया।

जिला कलक्टर ने कहा की दोनाें ही अभियान स्वास्थ्य से जुडे़ हुए है और बिना अच्छे स्वास्थ्य के अच्छे जीवन और उन्नति की परिकल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने बताया की संचार की विभिन्न विधाओं फिल्म्स एवं अन्य माध्यमों से आमजन को नशे से दूर रहने के लिए समय-समय पर जागरूक किया जाता रहा है। लेकिन अब इस अभियान के माध्यम से हमें नशा मुक्ति के संदेश को घर-घर पहुंचाना है।

जिला कलक्टर पोसवाल ने किशोर – किशोरियों को आयरन की दवा खिलाई तथा नशा मुक्ति हेतु सभी विद्यार्थिंयो को शपथ दिलाई। इससे पूर्व शुभारंभ कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ पंकज गौड़ ने श्री अरविन्द पोसवाल का पुष्पगुच्छ एवं मेवाड़ी पगड़ी पहनाकर स्वागत अभिनन्दन किया। डॉ. गौड़ ने अतिथियों का स्वागत करते हुए अभियान की रूपरेखा एवं के अभियान के सम्पूर्ण जिले में क्रियान्वयन को लेकर जानकारी दी। उन्होंने बताया की नशा मुक्ति अभियान के तहत सार्वजनिक परिसरों को नशा मुक्त परिसर बनाया जायेगा तथा एनिमिया मुक्ति के लियें 6 तरह के आयु वर्ग के लोगों को एनिमिया की दवा खिलाई जाएगी।

शुभारंभ अवसर पर राज्य स्तर से पर्यवेक्षण अधिकारी के रूप में मौजूद विभागीय जिला प्रभारी अधिकारी डॉ. तरुण चौधरी ने संबोधित करते हुए कहा की मौसमी बीमारियों की रोकथाम में विद्यार्थिंयों की अहम भूमिका के बारे में जानकारी देते बताया की छोटी-छोटी बातों ख़ासकर स्वच्छता एवं साफ-सफाई का ध्यान रख कर हम मौसमी बीमारियों विशेषकर स्वाइन फ्लू की रोकथाम में अपना योगदान दे सकते हैं।

कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पूर्ण कालिक सचिव एवं मजिस्ट्रेट नरेन्द्र गहलोत ने बताया की समाज का एक तबका नशे से ग्रस्त है और जिसके कारण समाज में अपराध को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने कहा की नशे को कम करने के साथ ही समाज में हो रहे अपराधों में भी निश्चित गिरावट आएगी। उन्होंने एनिमिया मुक्त अभियान को भी आवश्यक बताते हुए कहा की एनिमिया के कारण कई प्रसूताओं की जान चली जाती है। इसलियें ये दोनों अभियान आमजन के लियें अतिमहत्वपूर्ण साबित होंगे।

कार्यक्रम में मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी डॉ युगल बिहारी दाधीच ने विद्यार्थी जीवन में पूर्ण अनुशासन रह कर स्वास्थ्य प्रति सचेत रहने के लिए कहा तथा अभियान से आमजन को लाभान्वित करने में विद्यार्थियों की भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के अंत में आभार विद्यालय के प्राचार्य श्री प्रमोद पालीवाल ने किया। संचालन प्राध्यापक श्री रमेश आमेटा ने किया।

कार्यक्रम में उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ इकरामुद्दीन चुड़ीगर, डॉ राजकुमार खोलियां, प्राध्यापक राकेश गोस्वामी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक एनएचएम श्री आशीष दाधीच, एपिडिमियोलोजिस्ट हरिश कुमार, जिला सलाहकार तम्बाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ हार्दिक जोशी, साईकोलोजिस्ट जमील अहमद गौरी आदि उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.