राजस्थान में किसान कल्याण के लिए हरसंभव प्रयास जारी – श्री उदयलाल आंजना

राजसमन्द के मण्डियाना में सहकारिता व प्रभारी मंत्री ने किया ऋण माफी शिविरों का शुभारंभ

राजसमन्द । सहकारिता विभाग एवं इन्दिरा गांधी नहर परियोजना मंत्री उदयलाल आंजना ने कहा है कि सरकार किसानों के हितों की रक्षा तथा खेती-बाड़ी के विकास के साथ ही किसानों की हर समस्या के समाधान के लिए भरसक कोशिशों में जुटी हुई है और सत्ता में आने के बाद जिस गति से किसानों की ऋण माफी का निर्णय लिया गया वह सरकार की जन कल्याण की मंशा को अच्छी तरह स्पष्ट करता है। आने वाले समय में राजस्थान के समग्र विकास एवं प्रदेशवासियों के सुनहरे भविष्य की दिशा में अनथक प्रयास किए जाएंगे।
सहकारिता मंत्री एवं राजसमन्द जिले के प्रभारी मंत्री उदयलाल आंजना ने गुरुवार अपराह्न नाथद्वारा उपखण्ड क्षेत्र के मण्डियाना में आयोजित फसली ऋण माफी शिविरों के शुभारंभ समारोह में बड़ी संख्या में उपस्थित किसानों, सहकारकर्मियों तथा ग्राम्यजनों को संबोधित करते हुए यह उद्गार व्यक्त किए।


समारोह की अध्यक्षता समाजसेवी देवकीनंदन गुर्जर ने की जबकि विशिष्ट अतिथियो के रूप में जिला कलक्टर अरविन्द कुमार पोसवाल एवं उपखण्ड अधिकारी निशा उपस्थित थीं। प्रभारी मंत्री उदयलाल आंजना ने इस अवसर पर क्षेत्र के 87 किसानों को 29 लाख 44 हजार के ऋण माफी प्रमाण पत्र वितरित किए। मंत्री आंजना एवं अतिथियों का साफा बंधवाकर स्वागत किया गया। प्रभारी मंत्री को ग्राम सहकारी समिति एवं क्षेत्रवासियों ने प्रभु श्रीनाथजी की तस्वीर भेंट की।
सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने अपने उद्बोधन में कहा कि राज्य सरकार ने हाल के दिनों में आम जन के कल्याण के लिए जो ऎतिहासिक कदम उठाए हैं उसका जन-जन अच्छी तरह अहसास करने लगा है। आगामी 1 मार्च से मुख्यमंत्री घोषणा के अनुरूप अन्त्येादय, बीपीएल एवं स्टेट बीपीएल योजनाके चयनित परिवारों को एक रुपए प्रति किलो गेहूँ उपलब्ध कराया जाएगा। अकेले राजसमन्द जिले में 91 हजार 227 परिवार एक रुपए किलो गेहूं की योजना से लाभान्वित होंगे।


उन्होंने सरकार की घोषणाओं के बारे में आम जन को अवगत कराते हुए कहा कि 30 जून तक एक लाख बिजली कनेक्शन कर दिए जाएंगे। पांच साल तक बिजली के दाम नहीं बढ़ाये जाएंगे। पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए 2 रुपए प्रति लीटर बोनस दिया जाएगा। इससे 200 करोड़ का वित्तीय भार पड़ेगा। पेंशन अब 500 से बढ़कर 750 तथा 750 से बढ़कर 1 हजार कर दी गई है।
उन्होंने पंचायतीराज चुनाव में शिक्षा की अनिवार्यता को समाप्त करने का स्वागत करते हुए कहा कि उनकी मंशा तो यह है कि चुनाव लड़ने वालों के लिए संतान का प्रतिबंध समाप्त कर दिया जाना चाहिए। इसके लिए प्रयास करेंगे ताकि पंचायतीराज में सभी की भागीदारी बढ़ सके। बेरोजगार के लिए 3000 व 3500 भत्ते का प्रावधान किया है।
सहकारिता मंत्री ने कहा कि प्रदेश में 5 हजार डेयरी बूथ स्थापित किए जाएंगे। इससे प्रत्येक में दो जनों को रोजगार मिलने के हिसाब से राज्य के 10 हजार लोगों को रोजगार मिलने लगेगा। सरकार ने डेढ़ माह में खूब काम किए हैं और यह गति निरन्तर जारी रहेगी। अकाल की स्थिति में पानी और मवेशियों के लिए घास के प्रबन्ध सुनिश्चित किए जाएंगे और जो भी समस्या सामने आएगी, उसका निराकरण कर जनता को त्वरित राहत दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि किसानों को समर्थन मूल्य पर उपज की खरीदी के मामले में किसी भी प्रकार के विलम्ब के मद्देनज़र राज्य सरकार ने एक हजार करोड के रिवोल्विंग फण्ड की व्यवस्था की ताकि किसानों को आने वाले समय में किसी भी प्रकार की दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
समारोह की अध्यक्षता करते हेए प्रमुख समाजसेवी देवकीनंदन गुर्जर ने किसानों को देश की अर्थ व्यवस्था का मूलाधार बताया और कहा कि प्रदेश सरकार की यह योजना किसानों के कल्याण की ऎतिहासिक योजना है। किसानों को कर्ज मुक्ति का अहसास हो रहा है, उनके जीवन स्तर को ऊँचा उठाने के साथ ही प्रदेश के हर वर्ग के उत्थान में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।

स्वागत भाषण पूर्व सरपंच जमनादास वैष्णव ने दिया। केन्द्रीय सहकारी बैंक, उदयपुर के प्रबन्ध निदेशक अश्विनी कुमार वशिष्ठ ने ऋण माफी योजना की जानकारी दी। आभार प्रदर्शन हेमसिंह ने किया।
समारोह में सहकारिता विभाग के कई अधिकारियों के साथ ही जिलाधिकारी एवं ब्लॉकस्तरीय अधिकारी, बड़ी संख्या में किसान व ग्रामीण उपस्थित थे।

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