थाली मादल की थाप पर मचिंद मेले का शुभारंभ

 
खमनोर। पंचायत समिति खमनोर की ग्राम पंचायत मचिंद द्वारा आयोजित 477वीं महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर दो दिवसीय मचिंद मेले का थाली मादल की थाप पर गांव से मेला स्थल तक कलश यात्रा निकाल धूमधाम से विधिवत आगाज हुआ। मेला प्राँगण में मुख्य अतिथि प्रधान श्रीमती शोभादेवी पुरोहित एवं विशिष्ट अतिथि नगरपालिका अध्यक्ष लालजी मीणा सहित अन्य अतिथियों ने महाराणा प्रताप एवं भील सरदार राणा पूंजा के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया। राणा पूंजा की प्रतिमा पर भी तिलक कर माल्यार्पण किया गया। मेले ध्वजारोहण के साथ मेला आरम्भ की घोषणा की गई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रधान शोभादेवी पुरोहित एवं अध्यक्षता विकास अधिकारी वीरेंद्र कुमार जैन ने की। विशिष्ट अतिथियों में नाथद्वारा नगरपालिका अध्यक्ष लालजी मीणा, उप प्रधान दलजीत सिंह चुंडावत,भाजपा नेता केशर सिंह चुंडावत,कोठारिया ग्रामीण मंडल अध्यक्ष हरदयाल सिंह चौहान,पूर्व उपसरपंच भूर सिंह आदि रहे।
सभी का पंचायत समिति द्वारा मेवाड़ी पाग धारण करवाते हुए उपरना ओढा कर किया गया।
मुख्य अतिथि प्रधान शोभादेवी पुरोहित ने मेले के आयोजन में सभी की सहभागिता पर संतोष प्रकट कर इसे  विशाल रूप देने की बात कही।
विशिष्ट अतिथि पद से समारोह में उपस्थित मेलार्थियों को संबोधित करते हुए नगरपालिका अध्यक्ष लालजी मीणा ने भीलू राणा के त्याग, बलिदान और समर्पण से प्रेरणा लेकर देश हित कार्य करने की बात कही। समाजसेवी जमनालाल पालीवाल द्वारा मेला स्थल के विकास हेतु यथासंभव सहयोग करने का कहा। विशिष्ट अतिथियों में उप प्रधान दलजीत सिंह चुंडावत,भाजपा नेता केशर सिंह चुंडावत,कोठारिया ग्रामीण मंडल अध्यक्ष हरदयाल सिंह चौहान आदि ने भी संबोधित किया।
मंचासीन अतिथियों में सेमा सरपंच मन्नू गायरी, मचिंद सरपंच श्रीमती ज्योति गुर्जर, मचिंद उप सरपंच,
ग्रामीण मंडल खमनोर अध्यक्ष नवनीत पालीवाल, महामंत्री वीपी सिंह,भाजयुमो ग्रामीण मंडल अध्यक्ष संदीप श्रीमाली, मचिंद पूर्व उपसरपंच भूर सिंह राजपूत सहित अन्य मौजूद रहे। मेला प्रभारी अतिरिक्त ब्लॉक प्रारंभिक शिक्षाधिकारी भवानीशंकर पालीवाल ने मेले में होने वाली गतिविधियों से सभी को अवगत कराया।
कब्बडी के शुरूआती मैच के साथ साहसिक खेल प्रतियोगिताओं का शुभारंभ किया गया। आगामी दो दिनों तक अरावली की इस प्रसिद्ध पर्वतमाला में स्थित मचिंद गांव में आदिवासियों सहित आमजन का जमावड़ा रहेगा।
छोटी दुकानों से समूचा प्राँगण सज चूका है । पूर्व सरपंच तुलसीदास गुर्जर में बताया कि दोनों दिन सायंकालीन सांस्कृतिक संध्या आयोजित की जायेगी।
पुरामहत्व संरक्षण की आवश्यकता – 
ग्रामीणों के अनुसार यहाँ पुरा महत्व के मंदिर व पहाड़ पर राणा चौराहा के अवशेष स्थित है। ऐतिहासिक मेला स्थल व वहाँ तक जाने वाली सड़क को संरक्षण की आवश्यकता है।

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