रामकथा का सकारात्मक परिणाम, दो गणिकाओं को मिली गृहस्थ जीवन की ईश्वरीय सौगात

मुम्बई। मायानगरी मुंबई के कमाटीपुरा से दो गणिकाओं ने वैश्यालय से मुक्त हो कर स्वेच्छा से मुरारी बापू के सानिध्य में भावनगर जिले की महुआ तालुका स्थित चित्रकूट धाम तलगाजरडा में विवाह कर गृहस्थ जीवन में प्रवेश किया। स्वयं बापू ने स्वयं इन कन्याओं का कन्यादान उनके परिवार के सामने कर मानवीयता की मिसाल प्रस्तुत की ।
मुरारी बापू ने पिछले वर्ष 2018 दिसंबर में कमाटीपुरा का दौरा किया व गणिकाओं को अयोध्या राम कथा के लिये आमंत्रित किया । रामकथा का शीर्षक मानस गणिका था। बापू ने उद्धोषणा की थी कि गणिका समाज की जो बेटियां जिनकी शादी नहीं हुई हो तो उन्हे मजबूरन फिर से नियती से इसी बाजार में खडा रहना पडता है । लेकिन जो बेटियां और जो लडके उन्हे स्वीकार करने के लिए समाज में से तैयार हो तो ऐसी सभी बेटियों कि शादी तलगाजरडा करवाएगा,जिससे उन्हे वापस इस बाजार में खडा ना रहना पडे ।
कथा में गणिकाओं के पुर्नउत्थान के लिये काफी राशी एकत्रित हुई, जिसे छः अलग अलग एन.जी.ओ को दिया गया । ये संस्थान गणिकों के उत्थान व पुर्नवास के लिये कार्य करती है। मुम्बई कांदिवली स्थित एक फाउन्डेशन को 51 लाख रूपये प्राप्त हुए,बाद में इस फाउन्डेशन ने इन लडकियों को कमाटीपुरा से निकाला व इनकी शादी मुरारी बापू के चित्रकूट धाम में उत्सवपूर्वक करवाई । इस विवाह उत्सव में दूल्हा व दुल्हन के परिवार समेत 100 मेहमान उपस्थित थे ।
इस ऐतिहासिक अवसर पर मुरारी बापू ने कहा कि आज मानव समाज में एक महत्वपूर्ण मानवीयता का कदम उठाया गया है । दोनों दूल्हों व उनके परिवार वालों का साधुवाद करना चाहता हूं कि उन्होने इन लडकियों को अपनाया जो एक बहुत ही साहस वाला काम है। कन्यादान के दौरान बापू ने दूल्हों से कहा की आज से आप की जिम्मेदारियां बहुत बढ गई है ये दोनों मुरारी बापू की बेटियां है अतः तलगाजरडा की बेटियां है। कृपया कर इन दोनों का ख्याल पूरे सम्मान के साथ रखे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *