मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने देव डूंगरी में स्वयंसेवी संस्थाओं व ग्रामीणों से किया संवाद


राजसमन्द। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को दोपहर राजसमन्द जिले की भीम पंचायत समिति अन्तर्गत देव डूंगरी गांव का दौरा किया। राजस्थान विधानसभाध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी भी उनके साथ थे।
मुख्यमंत्री ने यहाँ उस झोपड़ी का अवलोकन किया जहां से मजदूर किसान शक्ति संगठन की प्रतिनिधि प्रमुख सामाजिक चिन्तक अरुणा राय ने सूचना का अधिकार एवं रोजगार गारंटी के बारे में सूत्रपात किया था। मुख्यमंत्री को अरुणा राय, निखिल डे एवं शंकरसिंह ने इस स्थल का अवलोकन कराया और रचनात्मक कार्यों की पृष्ठभूमि के बारे मेंं जानकारी दी और इसमें रह रहे परिवार से परिचय कराया।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों तथा मजदूर किसान शक्ति संगठन एवं अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री गहलोत को वनाधिकार अधिनियम सहित तमाम मुद्दों पर अपने विचार और अनुभव बताए और ग्रामीण विकास तथा प्रदेश के उत्थान में उनके योगदान की सराहना की।


मुख्यमंत्री के समक्ष स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने सिलिकोसिस से प्रभावित श्रमिकों के कल्याण, श्रम विभाग की सहायता योजनाओं में पारर्दशिता लाते हुए पात्र जनों को अधिक से अधिक लाभान्वित करने, श्रम विभाग द्वारा निर्धारित छात्रवृत्ति समय पर मुहैया कराने, श्रम विभाग की योजनाओं की सोशल ऑडिट कराने, शामलाती भूमि पर पॉलिसी बनाने, आदिवासी क्षेत्रों में गैस सिलेंडर की उपलब्धता वाले ग्रामीणों को केरोसिन का वैकल्पिक बंदोबस्त करने की सुविधा देने, घुमंतु समुदाय की सभी जातियों को बसाने के लिए कारगर योजना बनाने और उनकी शिक्षा और स्वास्थ्य की बेहतर सुविधाएं देने, पशु क्रय-विक्रय के परंपरागत धंधे से जुड़े बंजारा परिवारों को पशु परिवहन की निर्बाध सुविधा मुहैया कराने, घुमंतु जातियों को भवन निर्माण के लिए निःशुल्क पट्टा देने व उनके लिए श्मशान की सुविधा उपलब्ध कराने, कलंदर समुदाय को घुमंतू जाति में शामिल करने आदि का आग्रह किया गया।

इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि पोस्टमैन द्वारा पेंशन समय पर नहीं पहुंचाई जा रही है। कूकर खेड़ा में बुजुर्ग दंपत्ति के वहां पेंशन नहीं पहुंचने व पोस्टमैन की गड़बड़ी की जानकारी दिए जाने पर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इस मामले में पोस्टमैन के खिलाफ पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई जानी चाहिए। इस प्रकार की गड़बड़ियां जहां भी दिखें, उनमें पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराने के उन्होंने निर्देश दिए।
उन्होंने सिलिकोसिस से संबंधित समस्या के बारे में कहा कि इसकी रोकथाम की दिशा में प्रभावी प्रयास किए जाने की आवश्यकता है ताकि यह बीमारी हो ही नहीं।
मुख्यमंत्री के आमजन एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ हुई चर्चा कार्यक्रम के दौरान राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी, पूर्व मंत्री रामलाल जाट, राजसमन्द कांग्रेस जिलाध्यक्ष देवकीनंदन गुर्जर, पूर्व मंत्री लक्ष्मण सिंह रावत, भीम के विधायक सुदर्शन सिंह, पूर्व जिला प्रमुख नारायण सिंह भाटी, पूर्व उप जिला प्रमुख मदन गुर्जर, समाजसेवी अरुणा राय, निखिल डे, शंकर सिंह, संभागीय आयुक्त भवानी सिंह देथा, उदयपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक प्रफुल्ल कुमार दक, जिला कलक्टर अरविंद कुमार पोसवाल, जिला पुलिस अधीक्षक भुवनभूषण यादव, अतिरिक्त जिला कलक्टर राकेश कुमार, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी निमिषा गुप्ता, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश गुप्ता, भीम की उपखंड अधिकारी सुमन सोनल, जिला अधिकारीगण, जनप्रतिनिधिगण, समाजसेवी और बड़ी संख्या में ग्रामीण स्त्री-पुरुष उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री का कार्यक्रम स्थल पहुंचने पर इन जन प्रतिनिधियों, ग्रामीणों और संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने स्वागत किया।
इसके बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने देव डूंगरी में ग्रामीण महिलाओं के समूहों और महानरेगा की महिला श्रमिकों के बीच पहुंच कर चर्चा की और क्षेत्र में समसामयिक हालातों के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री का स्वयंसेवी संस्थाओं, क्षेत्रीय जन प्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने स्वागत किया।

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