उच्च शिक्षा मंत्री एवं पुरातत्व विभागीय दल ने की चर्चा, राजसमन्द के समग्र विकास के लिए हरसंभव प्रयास जारी – किरण माहेश्वरी नोचौकी क्षेत्र विकास के लिए 7.5 करोड़ की योजना प्रस्तावित






राजसमन्द। उच्च शिक्षा मंत्री श्रीमती किरण माहेश्वरी ने कहा है कि राजसमन्द के समग्र एवं बहुआयामी विकास के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे और इनमें कहीं कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। इसके लिए हर स्तर पर पहल की जा रही है और उसके सार्थक परिणाम सामने आ रहे हैं।

उच्च शिक्षा मंत्री ने यह बात बुधवार को राजसमन्द झील स्थित नौचौकी पर राणा राजसिंह पेनोरमा व झील पहुंच मार्ग का अवलोकन करते हुए कही। उच्च शिक्षा मंत्री ने पुरातत्व विभागीय अधिकारियों के साथ राणा राजसिंह पेनोरमा, राजसमन्द झील, पहुंच मार्गों आदि का अवलोकन किया और पुरातत्व अधिकारियों को क्षेत्रीय विकास की जरूरतों तथा संभावनाओं के बारे में बताया। उच्च शिक्षा मंत्री ने राजसमन्द डाक बंग्लो में पुरातत्व  विभागीय अधिकारियों के साथ विकास की संभावनाओं और प्रस्तावित रूपरेखा के बारे में विस्तार से चर्चा की और योजनाबद्ध विकास से जुड़े मानचित्रों, प्रस्तावित रूपरेखा आदि का अवलोकन किया और कहा कि क्षेत्र की जरूरतों के अनुरूप अत्याधुनिक विकास का खाका तैयार किया जाए ताकि उस पर आगे काम हो सके।

यह सब है प्रस्तावित

इस दौरान जानकारी दी गई कि इस सम्पूर्ण क्षेत्रीय विकास से संबंधित प्रोजेक्ट की कुल लागत लगभग 7.5 करोड़ तक  होगी। प्रोजेक्ट के अन्तर्गत पार्किग एरिया के लिए नया प्रवेश द्वार, पाषाणी पाथवे, फव्वारें, वर्तमान पाथ वे की मरम्मत एवं विकास, पाकिर्ंंग, टॉयलेट, जल सुविधा कियोस्क, मौलिकता का संरक्षण करते हुए छतरियों को बेहतर बनाने, डाक बंग्ला तक पाषाणी पथ, पुरानी दीवार को हटाकर ग्रिल फेंसिग, उद्यानों का विकास, खसरा नम्बर 772 एवं 773 में भी गार्डन, चिल्ड्रन पार्क, विभिन्न रंगों और प्रजातियों के पुष्पों के पादपों का उद्यान, पाथवे पर विद्युत सुविधा एवं साज सज्जा आदि के कार्य होंगे। इन पर अनुमानित लागत 5 करोड 82 लाख आएगी। इसके अलावा पार्किंग, टॉयलेट ब्लॉक, वाटर हट एवं सीढ़ियां वैबकोस कंपनी अलग बनाएगी। 

भारतीय पुरातत्व विभागीय क्षेत्रीय निदेशक(वेस्ट जोन) डॉ. एम. मम्बीराजन एवं राज्य पुरातत्व अधीक्षक डॉ. वीएस बड़ीगर तथा अन्य अधिकारियों डॉ. कंवर सिंह,  एसके गुप्ता, महेन्द्र जाट, गौतम आदि ने उच्च शिक्षा मंत्री को प्रस्तावित योजना के बारे में चित्रों सहित जानकारी दी । इस दौरान जन प्रतिनिधियों व अधिकारियों के साथ ही झील संरक्षण से सम्बंधित गणमान्यजनों ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि राजसमन्द में इस दिशा में ऎसा काम हो कि देश में नम्बर वन गिना जाए। इसके लिए उन्होंने पुरातत्व विभाग सहित सभी विभागों एवं एजेन्सियों से संबंधित अधिकारियों से कहा कि वे समन्वित रूपरेखा बनाएं और समर्पित होकर इस दिशा में बेहतर काम करके दिखाएं।

उच्च शिक्षा मंत्री ने सार्वजनिक निर्माण विभाग एवं जलदाय विभागीय अधिकारियों से चर्चा की और निर्देश दिए राजसमन्द झील पहुंचने वाले मार्ग को चौड़ा करने के साथ ही क्षेत्रीय विकास को नवीन स्वरूप प्रदान किया जाए। इसके लिए उन्होंने जलदाय अधिकारियों से कहा कि वे राजसमन्द झील प्रवेश के मुख्य द्वार से पूर्व पहुंच मार्ग को चौड़ा करने के लिए अपने संसाधनों को बेहतर ढंग से व्यवस्थित करें और पर्याप्त स्थान मुहैया कराएं ताकि राजसमन्द झील क्षेत्र के सुन्दरीकरण और पर्यटन विकास को मूर्त रूप प्रदान किया जा सके। इस दौरान नगर परिषद के सभापति सुरेश पालीवाल, आयुक्त बृजेश राय सहित जन प्रतिनिधिगण, समाजसेवी, झीलप्रेमी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।



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