अणुव्रत विश्वभारती में बच्चों का आवासीय शिविर – स्कूली शिक्षा से बढ़कर है जीवन निर्माण की शिक्षा

राजसमन्द। अणुव्रत विश्वभारती में आज बच्चों का आवासीय बालो दय शिविर प्रारंभ हुआ। 3 दिन तक चलने वाले इस शिविर में ज्ञानोदय सीनियर सेकेंडरी स्कूल, आमेट, सिविलाइजेशन सीनियर सेकेंडरी स्कूल पीपरड़ा, मॉडर्न पब्लिक स्कूल राज्यावास, सुप्रभात पब्लिक स्कूल सनवाड़ के 94 बच्चे भाग ले रहे हैं। इनमें 24 लड़कियां एवं 70 लड़के शामिल हैं। प्रारंभिक सत्र को संबोधित करते हुए अणुविभा के अध्यक्ष संचय जैन ने कहा कि स्कूली शिक्षा और डिग्री महत्त्वपूर्ण है लेकिन उससे भी आवश्यक है अपने जीवन निर्माण की सही दिशा पाना। यह शिविर इसी उद्देश्य की पूर्ति में सहायक बनता है

उल्लेखनीय है अणुव्रत विश्व भारती में प्रतिमाह बच्चों के जीवन निर्माण को लक्षित यह शिविर लगाए जा रहे हैं जिसमें शामिल बच्चे अपनी प्रतिभा को पहचान कर एवं अपनी कमियों को पहचान कर जीवन में आगे बढ़ने का मार्गदर्शन प्राप्त करते हैं।

शिविर के प्रथम दिन आज बच्चों ने जहां जीवन में छोटे-छोटे व्रतों के महत्व को समझा इस का माध्यम बना तुलसी संगत दर्शन में प्रदर्शित उत्प्रेरक चित्र प्रदर्शनी एवं अणुव्रत गीत की बाल सुलभ व्याख्या अनेक बच्चों ने पानी व भोजन का अपव्यय करने का संकल्प लिया।

सह अस्तित्व और नेतृत्व की भावना विकसित करने के लिए बच्चों का समूह सत्र हुआ जिसमें बच्चों ने एक दूसरे का परिचय प्राप्त कर अपने समूह का नाम हुए नेता चुना इन समूह लीडर्स ने एक सत्र की अध्यक्षता की एवं अपने-अपने समूह के बारे में सब कुछ जानकारी थी

बाल पुस्तकालय में बच्चों ने अपनी मनपसंद पुस्तकें पढ़ी एवं समूह में बैठकर उन पुस्तकों से मिले संदेश को अन्य बच्चों के साथ साझा किया। विज्ञान कक्ष में विज्ञान के प्रयोगों को करते हुए उन्होंने विज्ञान के महत्व को समझा महान बालक कक्ष, भाव जागरण गुफा, विश्व दर्शन दीर्घा, संग्रहालय एवं संगीत कक्ष में भी बच्चों ने रुचि पूर्वक भाग लिया।

शिविर के दौरान महाप्राण ध्वनि, मौन प्रार्थना के प्रयोग भी किए गए खेलकूद मनोरंजन फिल्म शो आदि कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चे शिविर के माहौल में एक रस होते नजर आए एवं अपने जीवन के प्रति दृढ़ संकल्पित नजर आए. शिविर के दूसरे दिन नियमित कार्यक्रमों के अतिरिक्त बाल संसद आर्ट एंड क्राफ्ट स्वास्थ्य चर्चा आदि कार्यक्रम शामिल रहेंगे। शिविर में साबिर सुक्रिया, देवेंद्र आचार्य, रुखसाना, कमल सांचिहर, विमल जैन, महेंद्र गुर्जर की सक्रिय सहभागिता रही।

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